कष्ट निवारण समिति की बैठक में निगम कमिश्नर पर 10 लाख रिश्वत मांगने का आरोप

Saturday, July 15, 2017 2:10 PM
कष्ट निवारण समिति की बैठक में निगम कमिश्नर पर 10 लाख रिश्वत मांगने का आरोप

यमुनानगर(त्यागी):जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक बार फिर नगर निगम के कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगे हैं। जगाधरी निवासी मिलाप सिंह ने समिति के अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज के सामने जमीन संबंधी मामले को सुलझाने के नाम पर नगर निगम कमिश्नर गिरीश अरोड़ा पर अपने कैम्प ऑफिस में बुलाकर 10 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस बारे में विज ने कमिश्नर से बात करनी चाही और साथ ही इसकी जांच राज्य चौकसी ब्यूरो को देने के आदेश जारी किए। हालांकि कमिश्नर नेे आरोपों को निराधार बताया है।

मामला 398 गज के प्लाट का है जिसे न.नि. गली बता रहा था लेकिन मिलाप सिंह उसे अपना प्लाट बता रहे थे। उन्होंने बताया कि कोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद निगम ने छुट्टी वाले दिन रात को कार्रवाई करते हुए उनका कब्जा वहां से हटा दिया। इसी मामले को लेकर जब वे न.नि. कमिश्नर गिरीश अरोड़ा के कार्यालय में गए तो उन्होंने उन्हें अगले दिन अपने कैम्प ऑफिस बुलाया जहां 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में करीब 5 माह पूर्व विभिन्न आरोपों व लापरवाही के चलते कमिश्नर गिरीश को चार्जशीट किया गया था।

बैठक के बाद कमिश्नर गिरीश अरोड़ा से बात की तो उन्होंने बताया कि कोई आदमी बिना किसी आधार के कोई भी आरोप लगा सकता है। उन्होंने खुद समिति के अध्यक्ष अनिल विज से कहकर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की बात कही ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। उन्होंने कहा कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं।



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