''परायों’ के साथ अब ‘अपनों’ के भी निशाने पर खट्टर सरकार

Tuesday, February 13, 2018 10:25 AM
''परायों’ के साथ अब ‘अपनों’ के भी निशाने पर खट्टर सरकार

अम्बाला(ब्यूरो): अमित शाह की बाइक रैली का विरोध कर रहे जाट समुदाय से दिल्ली में हुए समझौते ने जहां सरकार को राहत दी है, वहीं इस समझौते के बाद ‘अपनों’ व ‘परायों’ के विरोध ने खट्टर सरकार की मुश्किलें बढ़ाने का काम भी किया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा विरोध करने वालों में कुरुक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी हैं। उन्होंने इस समझौते को सरकार का सरैंडर करार दिया है।

इसके अलावा खाप नेता सूबे सिंह समैण ने इसे पहले से निर्धारित स्टंट बताते हुए इस रैली को सफल बनाने का फार्मूला कहा है। हालांकि स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने इस समझौते पर कांग्रेस व इनैलो के रवैये की आलोचना करते हुए सरकार के फैसले का समर्थन किया। वहीं, इनैलो और कांग्रेस की ओर से भी अमित शाह की रैली का विरोध करने के फैसले पर अडिग रहने से सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं।



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