दुकान से चलती थी रोजी रोटी, चोर कर गए हाथ साफ

Monday, June 19, 2017 3:08 PM
दुकान से चलती थी रोजी रोटी, चोर कर गए हाथ साफ

रोहतक:सूर्य नगर में एक युवक पैर से अपंग होते हुए भी इज्जत की जिंदगी जीने के लिए की गई मोबाइल दुकान चला रहा है लेकिन बीती रात चोरों ने उसकी दुकान से नकदी व मोबाइल चोरी कर लिए। घटना का पता सुबह पीड़ित के दुकान पर जाने के बाद चला। सूचना मिलने पर थाना शहर पुलिस मौके पर पहुंची। चोरी की वारदात पड़ोस के एक मकान में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने सी.सी.टी.वी. कैमरे की फुटेज हासिल कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।

सूर्य नगर में रहने वाले सुंदर पुत्र होशियार सिंह ने शिकायत में बताया कि उसने पैट्रोल पम्प वाली गली में अंकित कम्युनिकेशन के नाम से मोबाइल की दुकान कर रखी है। बीती रात वह अपनी दुकान बंद करके घर गया था। सुबह जब वह दुकान पर आया तो उसकी दुकान के शटर का ताला टूटा मिला। जब दुकान के अंदर देखा तो चोर उसकी दुकान से रिपेयरिंग के लिए आए 3 मोबाइल फोन, 5 हजार रुपए व ए.टी.एम. कार्ड लेकर फरार हो गए थे। सुंदर ने बताया कि उसके परिवार में बस वह ही कमाने वाला है। वह एक पैर से अपाहिज है। परिवार का गुजारा करने के लिए उसने मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान कर रखी थी। चोरों ने उसकी मोबाइल की दुकान में न केवल चोरी की बल्कि उसकी रोजी-रोटी छीनने का काम किया है।

2 युवकों ने दिया अंजाम 
दुकान से थोड़ी दूरी पर स्थित एक मकान में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे में चोर दुकान से सामान चोरी करके ले जाते हुए कैद हो गए। कैमरे में 2 युवक पहले तो गली में चैक करते हैं कि कोई है तो नहीं। उसके बाद रात 2 बजकर 44 मिनट पर दुकान की तरफ से चोरी किया हुआ सामान अपने हाथों में लिए आते हैं। उसके बाद मकान के बाहर आपस में बंटवारा करते हैं। इस दौरान एक युवक निगरानी करता है। उसके बाद दोनों वहां से चले जाते हैं।

एक सप्ताह में कहीं न कहीं हो जाती है चोरी
सूर्य नगर में रहने वाले रमेश कुमार ने बताया कि चोरों की दहशत जोरों पर है। चोर रात में ही नहीं, दिन में भी चोरी की वारदात को अंजाम देने से नहीं चूकते। रात को पुलिस की राइडर कभी कभार ही वहां पर गश्त करने आती है। चोर एक सप्ताह में सूर्य नगर में कहीं न कहीं चोरी की वारदात को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं।

फरवरी में हुई चोरी की फुटेज नहीं ली पुलिस ने
सूर्य नगर में 13 फरवरी को दिन-दहाड़े एक युवक चोरी की वारदात को अंजाम देकर चला जाता है। यह वारदात वहां पर लगे एक सी.सी.टी.वी. कैमरे में कैद हो जाती है। पुलिस मौके पर पहुंचती है तो उसे फुटेज दिखाई जाती है। फुटेज को देख वहां पहुंचे पुलिसकर्मी कहते हैं कि फुटेज से क्या होगा। उसमें नजर आ रहे चोर की पहचान करके बताओ। पुलिस ने फुटेज से चोरी की पहचान करनी भी उचित नहीं समझी। 


 



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