‘1300 लोगों के बनवाए मकान, शेष 700 के मार्च तक बनेंगे’

Thursday, December 07, 2017 11:19 AM
‘1300 लोगों के बनवाए मकान, शेष 700 के मार्च तक बनेंगे’

करनाल(सरोए):जिले में मकान से वंचितों के मकान तेजी से बन रहे है जिसके कारण सरकारी राशि के दुरुपयोग होने की सभी संभावनाएं दूर हो चली हैं, यह सब पूरे सिस्टम के ऑनलाइन होने से शुरू हुआ है क्योंकि भारत सरकार द्वारा पात्र को तभी राशि जारी की जा रही है, जब सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकान का चित्र, मकान मालिक के साथ डाऊनलोड करके साइट पर भेजता है, जब तक मकान का चित्र डाऊनलोड नहीं होता, तब तक राशि जारी नहीं की जाती। 

सरकार द्वारा किए गए सिस्टम की वजह से जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तेजी से मकान बन रहे हैं जिसके चलते सरकारी राशि का सदुपयोग हो रहा है, जो सरकार व एप की बहुत बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार ने मकान से वंचित लोगों को 13 सौ घर बनवा दिए है, बचे 700 लोगों को वित्त वर्ष के अंत तक मकान बनवाने का दावा किया जा रहा है। योजना के तहत अगर पार्थी एक साल के अंदर-अंदर मकान का काम पूरा करवा लेता है तो सरकार की ओर से उसे करीब 3 हजार रुपए प्रोत्साहन के तौर पर दिया जाता है। 

10,334 हुए थे चयनित
सरकार द्वारा 2011 में सामाजिक एवं आर्थिक, जातीय जनगणना करवाई गई थी। जो परिवार घर से वंचित थे, उनका सर्वे किया गया था। जिले से करीब 10,334 लोगों को सर्वे में शामिल किया गया था। इन सर्वे में शामिल लोगों में से ग्राम सभा द्वारा करीब 2000 हजार लोगों को चयनित किया था। योजना के तहत एक लाख 38 हजार रुपए दिए जाते हैं। जो प्रथम 45 हजार, सैकेंड 60 हजार, तीसरी 33 हजार रुपए दिए जाते हैं। 

पहले होती थी काफी परेशानी
योजना का लाभ हर लाभपात्र तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए सरकार की ओर से एप बनाया गया जिसके सार्थक परिणाम दिखाई देने लगे है। योजना से पहले योजना से मिले पैसों का मकान पर लगाने की बजाय अन्य किन्हीं कामों में लगा लिया जाता था। जिसकी वजह से योजना का लाभ लाभपात्र तक पहुंचने के बाद भी सही प्रयोग नहीं होता। जिससे सरकार की उलझन काफी बढ़ जाती थी। सरकार ने इस बड़ी परेशानी का तोड़ निकालते हुए सिस्टम को आनलाइन कर दिया साथ ही एप चालू कर दिया। जो काफी लाभकारी साबित हो रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी
प्रधानमंत्री आवास योजना की जिला परियोजना अधिकारी अमिता ने बताया कि जिले में करीब 2 हजार पात्र जो मकान से वंचित थे। उनके योजना के तहत मकान बनवाए जा रहे है। योजना के तहत अब तक करीब 1300 से अधिक मकान बनवाए जा चुके है बाकी बचे मकानों को वित्तीय वर्ष में बनवा दिए जाएंगे। योजना के तहत काफी तेजी से मकान बनवाए जा रहे हैं। 



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