प्रद्युम्न मर्डर केस: आरोपी छात्र को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका(Video)

Monday, January 08, 2018 11:33 AM

गुरुग्राम(सतीश राघव): छात्र मर्डर मामले में आरोपी छात्र को गुरुग्राम सैशन कोर्ट ने झटका देते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही आरोपी छात्र पर कोर्ट ने 21 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है लेकिन ये अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि अदालत द्वारा जुर्माना किस लिए लगाया गया है। ये अदालत से आदेश कॉपी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी अौर स्कूल का नाम उजागर करने पर भी रोक लगाई है। 

अदालत ने आदेश दिया कि अब सभी ट्रायल बंद कोर्ट में होंगे। मृतक के पिता वरुण लगातार आरोपी को जमानत देने के विरोध में थे। कोर्ट के इस फैसले से आरोपी के परिवार को भी झटका लगा है। बाकि दो अौर याचिकाएं जो आरोपी छात्र के पिता ने लगाई हैं पहली एप्लीकेशन में सीबीआई ने आरोपी की कस्टडी ली थी उसको गलत बताया है। दूसरी में सीबीआई ने आरोपी का फिंगर प्रिंट लिया है उसे भी गलत बताया गया है। इन दोनों याचिकाअों पर 22 जनवरी को डिटेल में सुनने के बाद फैसला सुनाया जाएगा। 

हत्याकांड से जुड़े पक्षों, स्कूल का नाम प्रकाशित करने पर रोक
अदालत ने इस केस में किसी भी तरह से आरोपी छात्र, स्कूल अौर मृतक छात्र के नाम का प्रयोग करने पर पाबंदी लगा दी है। आरोपी छात्र के परिजनों द्वारा गुहार लगाई गई थी कि मीडिुया द्वारा यह मामला हाईलाइट किया जा रहा है। जिससे उनकी बदनामी हो रही है। इसलिए छात्र अौर स्कूल के नाम को उजागर करने पर रोक लगाई गई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्षों को काल्पनिक नाम दिए गए हैं। आरोपी छात्र का नाम भोलू, स्कूल को विद्यालय, अौर मृतक को प्रिंस कहा गया है। कोर्ट ने हिदायत दी कि सेक्शन 74 के तहत अगर इस मामले में किसी पक्ष की पहचान उजागर की गई तो दोषी को छह माह की सजा, दो लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों होंगे।

छात्र की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सी.बी.आई. ने 22 दिसम्बर को सैशन कोर्ट में 4 पेज की रिप्लाई फाइल की थी। इससे पहले भी दिसम्बर 2017 में छात्र की जुवेनाइल बोर्ड में जमानत याचिका रद्द हो चुकी है। सैशन कोर्ट में छात्र को 3 जनवरी को पेश किया गया था जहां से कोर्ट ने छात्र को 17 जनवरी तक बाल सुधार गृह फरीदाबाद भेज दिया गया है जबकि छात्र के वकील ने 21 दिसम्बर , 2017 को सैशन कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी कि जुवेनाइल एक्ट के तहत जांच एजैंसी को एक महीने के अंदर चार्जशीट कोर्ट में जमा करवानी होती है। सी.बी.आई. ने ऐसा नहीं किया है। ऐसे में छात्र को जमानत मिलनी चाहिए, जिस पर जिला सैशन कोर्ट में सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। 

उल्लेखनीय है कि 8 सितंबर को विद्यालय में 7 साल के छात्र की गला रेतकर बेरहमी से हत्या हुई थी। हरियाणा पुलिस ने उसी दिन स्कूल बस के कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मामला सीबीआई को सौंपा गया जिसके बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया। सीबीआई ने जांच के बाद स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया। सीबीआई का दावा है कि आरोपी छात्र ने पीटीएम और परीक्षा को टालने के लिए इस मर्डर को अंजाम दिया था। जिसके बाद आरोपी छात्र के परिजनों द्वारा जमानत के लिए याचिका दायर की थी। 



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