मंदबुद्धि से रेप का मामला : आगे नहीं बढ़ रही कार्रवाई(video)

Tuesday, January 2, 2018 1:58 PM

यमुनानगर(ब्यूरो):मंदबुद्धि महिला से रेप का मामला अभी तक आगे नहीं बढ़ पाया। पुलिस तर्क दे रही है कि महिला के बयान नहीं हुए। उधर इस मामले में सोमवार को भी महिला थाना की एस.आई. कुसुम और उनके सहयोगी ट्रामा सैंटर में महिला और डाक्टर से मिलने पहुंचे। मनोचिकित्सक डा. सुनील कुमार के मुताबिक महिला अभी बयान देने के काबिल नहीं है। इसमें 15 दिन से 2 महीने तक लग सकते हैं। उनका तो यह भी कहना है कि हो सकता है कि महिला बयान दे ही न पाए, वहीं इसी बीच महिला को अम्बाला मदर टैरेसा होम शिफ्ट करने की तैयारी है। हालांकि मैडीकल के तौर पर फिट न होने के कारण यह भी मुश्किल ही नजर आ रहा है। स्थानीय सिविल अस्पताल में तो उसकी देखरेख हो रही है। यदि उसे किसी बड़े मैडीकल कालेज में शिफ्ट किया जाए तो उसके साथ एक सहायक चाहिए जो परिवार के पास नहीं है। 

पिता गुजर गए, भाई की भी मानसिक स्थिति खराब
मंदबुद्धि महिला की उम्र करीब 45 साल है। बताया जा रहा है कि महिला के पिता भी मानसिक तौर पर बीमार थे जो गुजर गए। मौजूदा समय में उसका इकलौता भाई भी मानसिक तौर पर बीमार है। देखभाल के लिए उसकी मां ही है। महिला की मां का कहना है कि वह बेटे को संभाले या फिर अपनी बेटी को। यदि उसकी बेटी को कहीं शिफ्ट कर दिया तो उसके लिए दिक्कत बढ़ जाएगी। उसका कहना है कि वह यहां तो आ जा सकती है। अन्य जगह आना-जाना कैसे करेगी।

साइकोटिक बीमारी से पीड़ित है महिला
सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक एवं डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुनील कुमार का कहना है कि यह महिला साइकोटिक बीमारी से पीड़ित है। इसमें सोचने की शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। किसी भी विचार पर ज्यादा देर नहीं टिक सकते। जो बोलेगा उसको कई-कई बार बोलना शुरू कर देंगे। ऐसे में सामने वाले को समझ नहीं आएगा। इसके अलावा पीड़ित को ऐसा लगता है कि वह बहुत बड़ा आदमी है और वह बड़ी-बड़ी सोच रखता है। मौजूदा माहौल से उसका कोई लेना-देना नहीं है। या फिर यूं कहें कि वह जीवन से कटा होता है। उसे ऐसा लगता है कि सब कुछ अच्छा हो रहा है और वह अपने आपको बे-चिंत महसूस करता है। डाक्टर का कहना है कि अब महिला के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल रहा है। दवाई का असर भी होने लगा है। फिलहाल वह बयान देने के काबिल नहीं है। 

गूंगे, बहरे, अंधे के साथ गलत हो जाए तो क्या कार्रवाई नहीं होगी
महिला मंदबुद्धि है। वह कुछ कुछ बता भी रही है। इस मामले में चश्मदीद ने बयान भी दिया था। हालांकि वह बाद में बयान से पलट गई। अब इसमें सवाल यह है कि पूर्व में जब महिला ने गलत कार्य होने की पुष्टि की थी और अब वह बयान देने से बच रही है। ऐसे में क्या उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा यदि यही गलत कार्य गूंगे, बहरे और अंधे के साथ हो जाए तो क्या पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी। इस दिशा में भी मंथन करने की आवश्यकता है। बड़ा सवाल यह है कि जिस सब-इंस्पैक्टर पर आरोप लग रहे हैं वह ड्यूटी वाले दिन मौके से भागा क्यों। यदि वह पाक साफ था तो वह वहीं रुकता। 

कार्रवाई करेंगे, कई तरीके हैं पुलिस के पास : आर.सी. मिश्रा
अम्बाला रेंज के आई.जी. एवं ए.डी.जी.पी. आर.सी. मिश्रा का कहना है कि हम इस मामले में कार्रवाई करेंगे। पुलिस के पास आरोपी को ढूंढने के लिए कई तरीके हैं। उन पर काम चल रहा है। चश्मदीद महिला से भी बात की जा रही है। यह घिनौनी हरकत है। जिसने भी की है उसे बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि वे भी इस मामले को संजीदगी से ले रहे हैं।  
 



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