Geetu Ram Suicide Case: गीतू राम के परिवार की मांगें प्रशासन ने मानी, आश्वासन के बाद किया गया अंतिम संस्कार...बेटी ने दी मुखाग्नि
punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 05:27 PM (IST)
करनाल: रिटायरमेंट के आखिरी दिन आत्महत्या करने वाले बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता गीतू राम का शव परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस से उठा लिया और आज संस्कार कर दिया गया। बता दें कि अधीक्षक अभियंता गीतू राम को उनकी बेटी ने मुखाग्नि दी है।
परिवार के लोगों की जो मांगे थीं वह जिला प्रशासन द्वारा मान ली गईं। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है उनकी जल्द गिरफ्तारी होगी।
वहीं गीतू राम की जो रिटायरमेंट की फाइल है उसको भी जल्दी पूरा करके बेनिफिट दिए जाएंगे। जल्दी ही सस्पेंशन के जो आदेश हैं वह कैंसिल करके बहाली के आदेश किए जाएंगे। सभी शर्तें मानने के बाद परिजनोें ने शव उठाया लिया।
जानिए पूरा मामला
हरियाणा के उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निलंबित सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर गीतू राम तंवर की उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही करनाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव कार के भीतर से बरामद हुआ, जिसके पास से 4 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को लेने और अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। मृतक के भाई और बेटियों की मांग है कि सुसाइड नोट में नामजद 12 अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
सुबह घर से निकले, बेटी को फोन पर कहा- 'आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं'
परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह गीतू राम तंवर घर से कार लेकर निकले थे. कुछ समय बाद उन्होंने अपनी बेटी को फोन किया और भावुक होकर कहा, "मैं अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आता हूं।" इसके तुरंत बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। चिंताजनक हालात में परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो डीएवी स्कूल के पास खड़ी कार में उनका शव मिला. मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहर खाकर आत्महत्या करने की आशंका जताई गई है।
सुसाइड नोट में IAS और विभागीय अफसरों के नाम, जातिगत प्रताड़ना का आरोप
पुलिस को कार से बरामद 4 पन्नों के सुसाइड नोट में एक IAS अधिकारी सहित कई XEN, SDO और अन्य सहकर्मियों के नाम दर्ज हैं। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि विभागीय स्तर पर उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और उनके साथ जातिगत भेदभाव किया जाता था। उल्लेखनीय है कि 5 महीने पहले एक एडिटेड वायरल वीडियो के विवाद में बिजली निगम ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। मृतक ने अपने नोट में लिखा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया और बिना निष्पक्ष जांच के बलि का बकरा बनाया गया।
पत्नी के नाम मार्मिक संदेश 'संविधान के दायरे में रहकर लड़ना कानूनी लड़ाई'
सुसाइड नोट के आखिरी पन्ने पर उन्होंने अपनी पत्नी के नाम एक भावुक संदेश भी छोड़ा:"माय डीयर वाइफ, आप हिम्मत से काम लेना और संविधान के दायरे में रहकर कानूनी कार्रवाई करना। हमारे समाज में तो अभी यह पूछने की भी हिम्मत नहीं है कि जिन्होंने गलत वीडियो बनाकर वायरल की, उन पर क्या कार्रवाई हुई।" फिलहाल करनाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और परिजनों को शांत कराने व मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दे रही है।
बेटी का आरोप- चार अफसरों से परेशान थे पिता
नीति तंवर ने आरोप लगाया कि चार लोग उनके पिता के खिलाफ थे। नीति ने कहा कि उनके पिता जब से सोनीपत आए थे, तभी से परेशान चल रहे थे। उन्होंने करीब तीन साल सोनीपत में नौकरी की और इस दौरान लगातार मानसिक परेशानी में रहे। मृतक के परिजनों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू करदी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।
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