कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के स्वागत में दिल्ली एयरपोर्ट जाएगी घनघस खाप : जगदीप घनघस
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 09:09 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा घनघस खाप के अध्यक्ष व जाने माने वकील जगदीप घनघस ने कहा है कि हरियाणा से सैंकड़ों लोग कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके के स्वागत के लिए जाएंगे।6 जून का दिल्ली आंदोलन (प्रोटेस्ट प्लान) में शामिल होंगे।अमेरिका के बोस्टन में पढ़ रहे पार्टी के 30 वर्षीय संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार, 6 जून 2026 की सुबह 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे।घनघस ने कहा कि एयर पोर्ट पर उनका भव्य स्वागत होगा।
घनघस ने कहा कि एयरपोर्ट से सभी समर्थक पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की आधिकारिक अनुमति मांगेंगे। इनकी प्रमुख मांग हाल ही में हुए नीटपेपर लीक, CBSE और CUET परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है।
घनघस ने कहा कि लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 5 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे खुद 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ धरने पर बैठेंगे।
घनघस ने कहा कि इन्होंने युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर 5 सूत्री मांगें रखी हैं: किसी भी मुख्य न्यायाधीश (CJI) को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट या सरकारी पद न दिया जाए। यदि किसी वैध नागरिक का वोट वोटर लिस्ट से कटता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त पर सख्त कार्रवाई हो।महिलाओं को 50% आरक्षण: संसद और कैबिनेट की सीटों में महिलाओं के लिए 50% भागीदारी अनिवार्य की जाए।
स्वतंत्र मीडिया: गोदी मीडिया संस्कृति को खत्म कर मीडिया को पूरी तरह स्वतंत्र बनाया जाए। यदि कोई सांसद या विधायक चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलता है, तो उस पर अगले 20 सालों के लिए चुनाव लड़ने और सार्वजनिक पद संभालने पर बैन लगे। घनघस ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य इंस्टाग्राम हैंडल पर वर्तमान में 2 करोड़ 24 लाख (22.4+ मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स हैं। महज 20 दिनों के भीतर खड़े हुए इस डिजिटल आंदोलन ने फॉलोअर्स की संख्या के मामले में कई राजनैतिक दलों को पीछे छोड़ दिया है।