आस्था के साथ खिलवाड़ देसी घी की आड़ में पूरे जिले में बिक रहा नकली घी
punjabkesari.in Friday, Jan 04, 2019 - 12:04 PM (IST)
फतेहाबाद/टोहाना(ब्यूरो/विजेंद्र): पूरे जिले के मंदिरों में भक्तों द्वारा लगाई गई अखंड ज्योत जल रही हैं। इन अखंड ज्योतों की आड़ में देसी घी का व्यवसाय करने वाले व्यापारी नकली देसी घी सप्लाई कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। अपने आॢथक लाभ के लिए पूरे फतेहाबाद जिले के घी विक्रेता व करियाणा स्टोरों के संचालक भक्तों की आस्था के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। क्षेत्र में होने वाले धार्मिक आयोजनों में ये व्यापारी धड़ल्ले से अपना नकली घी बेच रहे हैं। मंदिरों के पुजारियों के अनुसार एक अखंड ज्योत में एक दिन में लगभग एक किलो घी लगता है। इस प्रकार 1 माह में 1 अखंड ज्योत में लगभग 30 किलो घी की खपत होगी। इस प्रकार पूरे क्षेत्र में जल रही ज्योतों में घी की खपत का अनुमान लगाया जाए तो वह हजारों किलोग्राम तक पहुंच जाएगा।
घी के व्यवसाय से जुड़े लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन दिनों पूरे जिले में भारी मात्रा में नकली घी सप्लाई हो रहा है। प्रत्येक मंदिर की ज्योत में जलने वाले घी की अगर जांच करवाई जाए तो काफी मात्रा में नकली घी का स्टाक पकड़ा जा सकता है। वास्तव में दुकानदार दिखावे के लिए तो असली घी के डिब्बे रखते हैं, लेकिन जो घी ग्राहक को दिया जाता है वह नकली होता है। विभिन्न मार्का लगा देसी घी पड़ोसी राज्यों से 130 से 140 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दुकानदारों को सप्लाई किया जा रहा है। दुकानदार इसे 325 से 350 रुपए प्रति किलो तक बेच रहे हैं।
मिलते-जुलते नाम से सैंकड़ों घी
बाजार में इन दिनों बड़ी-बड़ी कम्पनियों के नाम से मिलते जुलते घी के नाम से सैंकड़ों घी के डिब्बे बिक रहे हैं। इन नामों का सबसे अधिक फायदा शहर के बाहर सुनसान इलाकों में खुली हुई फैक्टरियों के मालिक उठा रहे हैं और सबसे अधिक नुक्सान उपभोक्ता को हो रहा है। असली घी की आड़ में ग्राहक को नकली घी का डिब्बा देकर और वही रेट लेकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। पिछले दिनों पंजाब में नकली घी पकड़ा गया था, जो कि फतेहाबाद से ही सप्लाई हुआ। उसके बाद भी अधिकारी आंखें बंद कर अपना काम करते रहे और न ही जिले में किसी इस प्रकार के घी का सैम्पल लिया गया। मार्कीट में रोजाना घी के नए नए ब्रांड आ रहे हैं। कुछेक ब्रांडों के ऊपर तो पैकिंग या मार्कीटिंग बाय अंकित होता है, लेकिन घी तो बिना मार्के के भी बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
क्या कहते हैं खाद्य सुरक्षा अधिकारी
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह पूनिया ने बताया कि विभाग द्वारा सैंपङ्क्षलग अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल की रिपोर्ट आने पर नियम के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 3 और 4 जनवरी को टोहाना में विभाग द्वारा मोबाइल टैसिं्टग वैन द्वारा लोग खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं।
कैसे तैयार होता है नकली घी
बाजार में बिकने वाला नकली देसी घी तैयार करने का धंधा बड़ा ही अनोखा है। 120 रुपए से 160 रुपए तक दुकानदारों के पास आने वाले घी में वनस्पति, रिफाइंड को मिलाकर उसमें देसी घी का सैंट मिलाया जाता है, जिससे यह घी तैयार किया जा रहा है। दुकानदार लोगों को कम कीमत का देसी घी बताकर लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं।