रामपुरा हाऊस की हुंकार से एक बार फिर गरमाई अहीरवाल की सियासत

9/21/2021 8:42:56 PM


गुडग़ांव, (गौरव): वैसे तो जींद जिले को हमेशा से ही राजनीति का केन्द्र बिंदू समझा जाता है, लेकिन प्रदेश की रानजीति में अहीरवाल क्षेत्र की भूमिका का भी अहम रोल रहा है। सत्ता चाहे किसी भी पार्टी की रही हो, अहीरवाल क्षेत्र की जनता ने जहां उस पार्टी को सत्ता में पहुंचाने का काम किया है,वहीं जब कभी भी सत्ता की राजनीति में अहीरवाल का मिजाज बिगड़ा तो उसकी कीमत सत्तााधारी पार्टी को कुर्सी खोकर चुकानी पड़ी है। जिसका इशारा अहीरवाल की राजनीति का केन्द्र बिंदु रहने वाले रामपुरा हाऊस से मिलता रहा है। पिछले दिनों इसी क्षेत्र के भूपेन्द्र यादव के केन्द्र में मंत्री बनाए जाने व उसके बाद अहीरवाल क्षेत्र में राजनीति गर्म है। राव समर्थकों को लगता है कि यह राव कोकमजोर करने की यह साजिश है। जिसके बाद समर्थकों द्वारा ही शहीदी दिवस पर एक प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम करने के लिए केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत को मनाया गया और इसके लिए स्थान का चयन भी झज्जर जिले के गांव पाटौदा खेड़ा का किया गया। 23 तारीख को गांव पाटौदा खेड़ा में होने वाले इस शहीदी दिवस के प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम में राव इन्द्रजीत को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। हांलाकि कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को आमंत्रित किया गया है और पार्टी से जुड़े कई सांसदों व राव इन्द्रजीत समर्थित विधायकों को भी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बुलाया गया है, लेकिन जिस तरह से तैयारियां चल रही है और गांव-गांव घूमकर जिस तरह से अहीरवाल क्षेत्र की जनता को न्यौता दिया जा रहा है उससे साफ झलकता है कि कार्यक्रम का पूरा फोकस राव इन्द्रजीत के भाषण पर रहेगा। कार्यक्रम को लेकर राव इन्द्रजीत समर्थकों व अहीरवाल की जनता में काफी उत्साह है। कार्यक्रम वाले दिन गांव पाटौदा में आने वाली एक लाख से भी ज्यादा लोगों के लिए बैठने और तीन स्थानों पर कई-कई एकड़ में पार्किंग का इंतजाम किया गया है। जिला झज्जर की यादव सभा द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम की सफलता के लिए खास तैयारियां की गई है। कार्यक्रम में शहीद परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा।
दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में है रामपुरा हाऊस का वर्चस्व
बात की जाए यदि दक्षिणी हरियाणा की तो इस क्षेत्र की सियासत में हरियाणा के अस्तित्व में आने के बाद से ही वर्चस्व रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा भी इस बात को बखूबी जानती है कि इस एरिया में दस से 15 विस सीटों पर राव इंद्रजीत सिंह का प्रभाव है। 2014 में पहली बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई भाजपा को चंडीगढ़ तक पहुंचाने में अहीरवाल बेल्ट की बड़ी भूमिका रही। इतना ही नहीं, 2019 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार दूसरी बार भाजपा अहीरवाल के बूते ही ही सत्ता तक पहुंची है। शहीद राव तुलाराम के वंशज राव इंद्रजीत सिंह लम्बे समय तक कांग्रेस में एक्टिव रहे। राव इंद्रजीत प्रदेश के एकमात्र ऐसे नेता है जो पांचवी बार लोकसभा सांसद बने है।
 


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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