गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले विशेषज्ञों के इन दो पैमानों को समझना जरूरी
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 06:02 PM (IST)
गुड़गांव ब्यूरो : पिछले कुछ वर्षों में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिए हैं। यही वजह है कि इन दोनों धातुओं से जुड़े ईटीएफ्स में निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कई निवेशक गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का उपयोग अपने पोर्टफोलियो में कमोडिटी एक्सपोज़र लेने के लिए करते हैं, खासकर तब जब वे सीधे सोना या चांदी खरीदने के बजाय बाजार से जुड़े विकल्प चुनना चाहते हैं। हालांकि, इन ईटीएफ्स का चयन करते समय केवल रिटर्न पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता। वास्तव में निवेशकों के लिए दो मापदंड विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं, एक्सपेंस रेशियो और ट्रैकिंग एरर। एक्सपेंस रेशियो को सरल शब्दों में फंड की वार्षिक लागत कहा जा सकता है। यह वह शुल्क है जो फंड प्रबंधन और संचालन के लिए निवेशकों से लिया जाता है। यह लागत सीधे निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित करती है। यदि दो ईटीएफ लगभग समान प्रदर्शन दे रहे हों, तो कम एक्सपेंस रेशियो वाला ईटीएफ लंबे समय में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि लागत कम होने से निवेशक के वास्तविक रिटर्न पर दबाव कम पड़ता है। दूसरा महत्वपूर्ण कारक ट्रैकिंग एरर है। यह मापता है कि कोई ईटीएफ अपने बेंचमार्क या संदर्भ कीमतों को कितनी सटीकता से ट्रैक कर रहा है। यदि ट्रैकिंग एरर कम है तो इसका मतलब है कि ईटीएफ का प्रदर्शन बेंचमार्क के काफी करीब रहता है। दूसरे शब्दों में कहें तो ईटीएफ का उद्देश्य अतिरिक्त रिटर्न बनाना नहीं बल्कि बेंचमार्क को जितना संभव हो उतनी सटीकता से दोहराना होता है, जब इन दोनों पहलुओं कम लागत और बेहतर ट्रैकिंग को साथ में देखा जाता है, तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ अपने बड़े पीयर समूह में मजबूत स्थिति में दिखाई देते हैं।
गोल्ड ईटीएफ- गोल्ड ईटीएफ के मामले में लगभग ₹19,500 करोड़ से अधिक के एयूएम के साथ आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ अपने peers के बीच प्रतिस्पर्धी नजर आता है। इस ईटीएफ का एक्सपेंस रेशियो 0.50% और ट्रैकिंग एरर 0.23% है, जो इसे लागत और tracking दोनों के लिहाज से बेहतर स्थिति में रखता है। जॉयदीप सेन, कॉर्पोरेट ट्रेनर फाइनेंशियल मार्केट्स के अनुसार, प्रदर्शन की बात करें तो इस ईटीएफ ने पिछले एक वर्ष में 77.13% और तीन वर्षों में 33.88% का रिटर्न दर्ज किया है।
बड़े गोल्ड ईटीएफ का तुलनात्मक विश्लेषण
|
ईटीएफ |
एयूएम |
एक्सपेंस रेशियो (%) |
ट्रैकिंग एरर (%) |
1-ईयर रिटर्न (%) |
3-ईयर रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|---|---|
|
निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईईएस |
43,003 |
0.80 |
0.24 |
76.61 |
33.60 |
|
एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ |
19,920 |
0.59 |
0.28 |
76.50 |
33.75 |
|
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ |
19,548 |
0.50 |
0.23 |
77.13 |
33.88 |
|
एसबीआई गोल्ड ईटीएफ |
17,400 |
0.70 |
0.24 |
76.50 |
33.27 |
|
कोटक गोल्ड ईटीएफ |
12,769 |
0.55 |
0.27 |
76.81 |
33.78 |
डेटा ऐज़ ऑन 12 जनवरी 2026 | सोर्स एएमएफआई, एएमसी वेबसाइट्स
यदि इन आंकड़ों को ध्यान से देखा जाए तो अधिकांश बड़े गोल्ड ईटीएफ का एक साल का रिटर्न लगभग 76.5% से 76.8% के बीच ही रहा है। इसका मतलब यह है कि प्रदर्शन के स्तर पर बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में निवेशकों के लिए लागत और tracking की गुणवत्ता अधिक महत्वपूर्ण बन जाती है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ का आकार भी इस श्रेणी में बड़ा है, जो उन निवेशकों के लिए अतिरिक्त भरोसा प्रदान कर सकता है जो स्थापित और बड़े फंड को प्राथमिकता देते हैं।
सिल्वर ईटीएफ- सिल्वर ईटीएफ के मामले में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ, जिसका एयूएम ₹16,400 करोड़ से अधिक है, 0.40% के एक्सपेंस रेशियो और 0.50% के ट्रैकिंग एरर के साथ अपने बड़े peers के मुकाबले प्रतिस्पर्धी स्थिति में है। प्रदर्शन की दृष्टि से इस ईटीएफ ने एक वर्ष में 177.85% और तीन वर्षों में 52.36% का रिटर्न दर्ज किया है।
बड़े सिल्वर ईटीएफ का तुलनात्मक विश्लेषण
|
ईटीएफ |
एयूएम (₹ करोड़) |
एक्सपेंस रेशियो (%) |
ट्रैकिंग एरर (%) |
1-ईयर रिटर्न (%) |
3-ईयर रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|---|---|
|
निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ |
33,115 |
0.56 |
0.59 |
176.48 |
52.36 |
|
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ |
16,436 |
0.40 |
0.50 |
177.85 |
52.36 |
|
एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ |
7,100 |
0.45 |
0.60 |
177.60 |
52.07 |
|
एसबीआई सिल्वर ईटीएफ |
5,624 |
0.40 |
0.63 |
176.45 |
NA |
|
कोटक सिल्वर ईटीएफ |
3,813 |
0.45 |
0.56 |
177.27 |
52.72 |
डेटा ऐज़ ऑन 12 जनवरी 2026 | सोर्स एएमएफआई, एएमसी वेबसाइट्स सिल्वर ईटीएफ्स के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि एक साल के रिटर्न लगभग 176% से 178% के दायरे में ही हैं। इसलिए निवेशकों के लिए लागत और ट्रैकिंग की स्थिरता ज्यादा महत्वपूर्ण कारक बन जाते हैं। कुछ ईटीएफ लागत में बेहतर हैं लेकिन ट्रैकिंग में नहीं, जबकि कुछ में tracking बेहतर है लेकिन लागत ज्यादा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ इन दोनों पहलुओं में संतुलन बनाते हुए दिखाई देता है।
निवेश के लिए अनुशासित दृष्टिकोण जरूरी
सोना और चांदी जैसे एसेट अक्सर तेजी और गिरावट के दौर से गुजरते रहते हैं। ऐसे में निवेशकों को केवल हालिया रिटर्न देखकर निवेश का निर्णय लेने से बचना चाहिए। एक बेहतर रणनीति यह है कि निवेश का मूल्यांकन एक अनुशासित ढांचे के तहत किया जाए, जिसमें कम लागत, बेहतर ट्रैकिंग और पर्याप्त फंड आकार जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाए। यह भी समझना जरूरी है कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का उद्देश्य अतिरिक्त रिटर्न बनाना नहीं बल्कि बेंचमार्क को कुशलता से ट्रैक करना होता है। यदि इन्हीं व्यावहारिक मानकों पर देखा जाए तो आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ लागत, tracking और प्रदर्शन के संतुलन के कारण निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प के रूप में उभरते हैं।