अक्षय तृतीया पर निगमानंद आसन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा व ध्वजारोहण सम्पन्न
punjabkesari.in Wednesday, Apr 22, 2026 - 12:48 PM (IST)
गुड़गांव ब्यूरो : अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर दिल्ली सरस्वत संघ द्वारा नई दिल्ली में नवनिर्मित श्रीश्री निगमानंद आसन मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वजारोहण समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन सद्गुरु परमाहंस श्रीमद स्वामी निगमानंद सरस्वती देव की दिव्य प्रेरणा और आशीर्वाद से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके उपदेश आज भी साधकों को आत्मबोध और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं।
दो दिवसीय इस आध्यात्मिक महोत्सव की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 से हुई थी, जिसमें मंगल आरती, गुरु वंदना, कलश यात्रा, सूर्य पूजा, अंकुर रोपण और अग्नि स्थापना जैसे वैदिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। 19 अप्रैल को भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वजारोहण समारोह के साथ कार्यक्रम का मुख्य आयोजन सम्पन्न हुआ, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण रहा। इस अवसर पर सद्गुरु निगमानंद देव जी की चार महत्वपूर्ण कृतियों के हिंदी अनुवाद का भी विधिवत विमोचन किया गया। ये ग्रंथ “योगी गुरु”, “ज्ञानी गुरु”, “प्रेमिका गुरु” और “तांत्रिक गुरु” योग, ज्ञान, प्रेम और तंत्र साधना के चार प्रमुख मार्गों का सजीव और सरल वर्णन करते हैं, जो आधुनिक साधकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
दिल्ली सरस्वत संघ के अध्यक्ष संग्राम धर ने कहा, यह आयोजन गुरुदेव के श्रीचरणों में हमारी एक विनम्र श्रद्धांजलि है। हम इस सनातन ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित और प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि समाज में आध्यात्मिक चेतना निरंतर प्रबल हो रही है। इस पवित्र पहल को साकार करने में अनेक समर्पित व्यक्तियों और संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुरी स्थित नीलाचल सरस्वत संघ के अध्यक्ष संतोष के. मोहंती तथा परिचालक शरत चंद्र सिंह देव का मार्गदर्शन, और कटक सरस्वत संघ के श्री रामकांत जेना की प्रेरणा ने इस आध्यात्मिक प्रयास को दिशा दी। साथ ही दिल्ली सरस्वत संघ के पदाधिकारियों अध्यक्ष संग्राम धर, सचिव तपन कुमार मोहापात्र और कोषाध्यक्ष जितेंद्र नाथ त्रिपाठी—के अथक प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय डीडी प्रधान और संस्थापक सचिव स्वर्गीय प्रभाकर मोहंती द्वारा रखी गई मजबूत नींव आज भी इस मिशन को सशक्त बनाए हुए है। आयोजकों ने बताया कि यह मंदिर केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक निरंतरता और आत्मिक जागरण का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जो सनातन धर्म के मूल तत्वों पर आधारित है। इस भव्य आयोजन में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने इसे एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया और आयोजन की सराहना की।