ट्रेंड्स, पढ़ाई और सामाजिक अपेक्षाओं को पूरा करने की होड़ में, टीनेजर्स के लिए बहुत आसान : डॉ. शिल्पा वोरा
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 07:02 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो : हर समस्या का जल्द समाधान, दोस्तों का दबाव, बिज़ी शेड्यूल– सच में आज के टीनेजर्स की लाइफ बड़ी तूफ़ानी है। ग्रुप चैट से लेकर ग्रुप प्रोजेक्ट्स तक, इतना कुछ चल रहा है कि खुद की देखभाल करना उनके लिए आसान नहीं है। इस भागदौड़ के दौरान वे एक ज़रूरी आदत को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, वो है: रेग्युलर हेयर ऑयलिंग, जो उनके बालों को जड़ से सिरे तक वाक़ई पोषण देती है.
धूल, प्रदूषण, अल्ट्रावॉयलेट किरणों, गर्मी और नमी जैसे वातावरणीय तत्वों के लगातार संपर्क में रहने से टीनेजर्स के बाल शाइन खो सकते हैं और वो बेजान व रूखे हो सकते हैं। आख़िर इसका समाधान क्या है? एक कोकोनट-बेस्ड हेयर ऑयल से बेहतर और कुछ नहीं, जो आपके टीनेजर्स के बालों को पोषण, हेल्थ और मज़बूती देगा. इसकी ख़ास संरचना इसे बालों की जड़ों में 10 परतों तक गहराई तक प्रवेश करने में सक्षम बनाती है, जिससे बालों का टूटना कम होता है और बालों को संपूर्ण पोषण मिलता है. इसका मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर यानी ख़ास संरचना और इसमें मौजूद मीडियम चेन ट्राइग्लिसराइड्स इसे बालों को भीतर से प्रभावी ढंग से पोषण देने में सक्षम बनाते हैं और साथ ही बालों को लंबे समय तक सुरक्षा और पोषण प्रदान करते हैं। यह एक सुरक्षा परत भी बनाता है, जो आपके बालों को नुकसान से बचाता है। एक अच्छी हेयर ऑयल मसाज हेयर फॉलिकल्स में रक्त संचार को बेहतर करती है जिससे बालों को बेहतर पोषण मिलता है और वो स्वस्थ तरीके से बढ़ते हैं। यह माइक्रोसर्क्यूलेशन को भी बढ़ाता है, जिससे तनाव कम होता है, नींद की क्वालिटी बेहतर होती है और अच्छी नींद आती है - ये तमाम गुण इसे एक पावरफुल रिलैक्सेशन रिचुअल बनाते हैं, खासतौर से आपके टीन्स के एग्ज़ाम्स के दौरान यह उनका स्ट्रेस कम करने में मदद कर सकता है।
टीनेजर्स के बीच हेयर ऑयलिंग से जुड़े कुछ मिथ्स और उनका सच:
मिथ 1: हेयर ऑयलिंग में बहुत टाइम लगता है फैक्ट: सिर्फ़ 30 मिनट तक हेयर ऑयल लगाने से बालों को बेहतरीन पोषण मिलता, बाल नर्म-मुलायम और स्वस्थ होते हैं, जिससे उन्हें मैनेज करना आसान होता है। हेयर ऑयलिंग का पूरा लाभ लेने के लिए शैम्पू से पहले हेयर ऑयल करना अपनी नियमित आदत बना लें।
मिथ 2: इससे स्कैल्प ऑयली हो जाएगा - फैक्ट: ऑयली स्कैल्प हेयर ऑयल लगाने से नहीं, बल्कि बहुत ज़्यादा सीबम के कारण होता है। सीबम एक प्राकृतिक पदार्थ है, जो आपके स्कैल्प द्वारा स्रावित किया जाता है, यह हेयर ऑयल से अलग होता है।बात हेयर ऑयल चुनने की करें, तो कई तरह के हेयर ऑयल उपलब्ध हैं, लेकिन आप एक अच्छा कोकोनट-बेस्ड हेयर ऑयल चुनें जो हल्का, नॉन-स्टिकी हो और बिना कोई रेसिड्यू छोड़े आसानी से धुल जाए, इसके मीडियम चेन फैटी एसिड और अनोखी संरचना के कारण।
मिथ 3: ऑयलिंग से बाल जल्दी गंदे होते हैं और मुंहासे या डैंड्रफ हो सकता है
फैक्ट: रिसर्च बताते हैं कि ऑयल्ड हेयर और अनऑयल्ड हेयर समान रूप से धूल-मिट्टी और गंदगी को अट्रैक्ट करते हैं, लेकिन फर्क हेयर वॉश के बाद महसूस होता है, जब अनऑयल्ड हेयर के मुकाबले ऑयल्ड हेयर आसानी से गंदगी को वॉश कर देते हैं, जिससे बाल धोने के बाद वो ज़्यादा साफ़ लगते हैं। इसके अलावा, कोकोनट बेस्ड हेयर ऑयल्स में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण काफ़ी मात्रा में होते हैं, जिससे इनसे डैंड्रफ या मुंहासे होने की संभावना कम होती है। ट्रेंड्स, पढ़ाई और सामाजिक अपेक्षाओं को पूरा करने की होड़ में, टीनेजर्स के लिए बहुत आसान हो जाता है उन आदतों को नज़रअंदाज़ कर देना, जो वाकई मायने रखती हैं। लेकिन जब बात हेयर हेल्थ की आती है, तो नियमितता सबसे ज़रूरी है – और हेयर ऑयल लगाना एक ऐसा टाइमलेस रिचुअल है जो परिणाम भी देता है। इस नए एकेडमिक ईयर में जब टीनेजर्स अपना रूटीन फिर से शुरू करेंगे, तो अपने टीनेजर्स को इस बात के लिए प्रोत्साहित करें कि वो हेयर ऑयलिंग को एक काम की तरह नहीं, बल्कि एक सोचे-समझे, सतर्कता से भरपूर विराम की तरह लें.