एक सोच के उलट है एंकर की दुनिया की कहानीः ज्योत्सना बेदी

12/13/2021 5:27:58 PM

गुड़गांव ब्यूरो : कब कौन सी खबर जाए इसके बारे में अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है. लेकिन खबर का चेहरा यानि एंकर होने के नाते आपको हमेशा ही तैयार रहना होता है. चैनल का एंकर होने नाते आप कैमरे के सामने खड़े होते हैं और पीछे से एक आवाज़ आती है ब्रेकिंग और बिना देर किए आपको उस विषय पर बोलना होता है, जिसकी जानकारी शायद आपको न हो. इस दौरान आपकी सूझबूझ, खबरों पर पकड़, नॉलेज, बातों को खींचना और शब्दों से खेलने की कला काम आती है. इन सारी बातों को असल जिंदगी में महसूस करने वाली ज्योत्सना बेदी की कहानी भी कुछ ऐसी है. 

न्यूज मीडिया में एक एंकर के तौर पर जाना माना नाम ज्योत्सना बेदी वो तमाम खूबियां हैं जो उन्हें सभी से अलग बनाती हैं. बॉलीवुड, राजनीति, स्पोर्ट्स समेत वो तमाम चेहरे जिन्हें आप टीवी या बड़े पर्दे पर देखते हैं ज्योत्सना बेदी न सिर्फ उनसे बात करती हैं बल्कि चर्चित चेहरों के जीवन का अनोखा पहलू दर्शकों को दिखाती हैं. दूसरों की कहानी को जनता के बीच लाने वाली ज्योत्सना अपने बारे और मीडिया के सफर के बारे में बात करते हुए कहती हैं कि जब भी वो किसी जाने माने चेहरे का इंटरव्यू लेती हैं तो इस बात का ध्यान रखती हैं कि जनता को वह बात भाए और पसंद आए. अपने बेवाक सवालों और दमदार आवाज से मशहूर ज्योत्सना को दर्शक खूब पसंद करते हैं. वह कहती हैं कि अक्सर ऐसा लगता है कि एक एंकर के लिए ऑफिस या काम करने का वक्त तय होता है. पर असल जिंदगी में ये कहानी बिल्कुल उलट है. आपको हमेशा तैयार रहना होता है कि बड़ी और छोटी खबरों के लिए. आपके काम का कोई तय वक्त नहीं होता है. एक एंकर के तौर पर आपको सिर्फ खबरों की नॉलेज ही नहीं बल्कि जनता से कैसे कनेक्ट होना है ये भी पता होना चाहिए. वह कहती है कि एक एंकर सिर्फ चैनल या खबर का चेहरा नहीं होता है बल्कि रिपोर्टिंग, सेंसेशन न्यूज, कॉलम लिखना, किताब का रिव्यू करना जैसे भी काम करता है. इतना ही नहीं एक एंकर को अपनी इमोशनल फीलिंग्स को काबू में रखकर काम करना होता है ताकि जनता तक सही बात पहुंचाई जा सके.

Content Editor

Gaurav Tiwari