हरियाणा में शिक्षा का आधुनिकीकरण: 279 प्राथमिक स्कूलों के बदले नाम, अब पहली कक्षा से होगी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 07:36 PM (IST)
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा सरकार ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सरकारी स्कूलों को नई शैक्षणिक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 279 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का नामकरण बदलने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 202 विद्यालयों को राजकीय मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक विद्यालय तथा 77 विद्यालयों को राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय के रूप में नामित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव उन प्राथमिक विद्यालयों में किया गया है, जो निर्धारित मॉडल संस्कृति, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं पीएम श्री माध्यमिक या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के परिसर में अथवा उनके आसपास संचालित हो रहे हैं। विभाग ने नए नामकरण के साथ सभी संबंधित विद्यालयों की जिलेवार सूची भी जारी कर दी है।
पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई
नई व्यवस्था के तहत सभी चयनित प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा की पढ़ाई अनिवार्य रूप से अंग्रेजी माध्यम में कराई जाएगी। दूसरी कक्षा से विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अलग-अलग अनुभागों में पढ़ने का विकल्प मिलेगा। यानी प्रत्येक विद्यालय में दोनों माध्यमों के लिए एक-एक अलग सेक्शन संचालित किया जाएगा। इन सभी विद्यालयों को अधिसूचना जारी होने के साथ सह-शिक्षा संस्थानों के रूप में संचालित किया जाएगा।
फीस को लेकर भी तय किए नियम
विभाग ने दोनों श्रेणियों के विद्यालयों के लिए आर्थिक व्यवस्था भी अलग-अलग निर्धारित की है। राजकीय मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक विद्यालयों में नियमित सरकारी निधियों के अतिरिक्त विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क अथवा आर्थिक योगदान नहीं लिया जाएगा। वहीं, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से विद्यालय विकास निधि की व्यवस्था लागू की जाएगी।
स्क्रीनिंग के बाद होगी शिक्षकों की तैनाती
इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति सामान्य तैनाती प्रक्रिया के बजाय स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। यह व्यवस्था मॉडल संस्कृति, पीएम श्री और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता विद्यालयों में अपनाई जा रही चयन प्रक्रिया के अनुरूप होगी। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों की तैनाती करना है, जो अंग्रेजी माध्यम सहित निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुसार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया की ओर से जारी आदेश को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनीता मलिक ने 27 अक्टूबर को संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रमुखों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
प्रदेश के इन जिलों में होंगे बदलाव
राजकीय मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी प्राथमिक विद्यालयों की श्रेणी में अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हांसी, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर सहित विभिन्न जिलों के 202 विद्यालय शामिल हैं।
इसी प्रकार राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों की श्रेणी में 77 स्कूलों को शामिल किया गया है। इनमें अंबाला, भिवानी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हांसी, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर के विद्यालय शामिल हैं।
सरकार के इस फैसले को प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, आधुनिक शिक्षण पद्धति और अंग्रेजी माध्यम के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने से इन विद्यालयों में पढ़ाई के माध्यम, शिक्षकों की तैनाती और विद्यालयों के शैक्षणिक प्रबंधन में बदलाव आएगा।