कांवड़ यात्रा का उत्साह मातम में बदला: ट्रक की टक्कर से कांवड़िए की मौत...डाक कांवड़ बनी जिंदगी की आखिरी यात्रा
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 09:06 AM (IST)
गन्नौर (कपिल शर्मा): हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे 12वीं कक्षा के छात्र कुणाल ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि जिस डाक कांवड़ को लेकर वह दोस्तों के साथ उत्साह से निकला है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। जी हां हरिद्वार से डाक कावड़ लेकर आ रहे कुणाल की मोटरसाइकिल को शामली के पास ट्रक ने टक्कर मार दी,जिस हादसे में कुणाल की मौत हो गई। वही उसका साथी अक्षय घायल हो गया।
जानकारी अनुसार कुणाल को कांवड़ यात्रा को लेकर खासा उत्साह था। साथियों के अनुसार पिछले वर्ष भी वह डाक कांवड़ लिवाने के लिए आधे रास्ते पहुंच गया था। इस बार भी साथियों के साथ हरिद्वार जाने की उनकी इच्छा थी। शुरुआत में उन्होंने कांवड़ लाने के लिए मना कर दिया था, लेकिन बाद में दोस्त के साथ बाइक पर हरिद्वार पहुंच गए।

एक दिन बाद साथियों के साथ पहुंचे हरिद्वार
कुणाल के साथी मोनू ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ 6 अगस्त को हरिद्वार चले गए थे। कुणाल एक दिन बाद अपने दोस्त के साथ बाइक पर वहां पहुंचे। सभी ने हरिद्वार से गंगाजल लिया और 10 अगस्त की रात डाक कांवड़ लेकर वापस लौटने के लिए रवाना हुए। रोहित के अनुसार रास्ते में कुछ समय तक सभी साथी साथ थे। रात करीब दो बजे तक वह मुजफ्फरनगर तक साथ रहे, इसके बाद रास्ते में अलग-अलग हो गए। बाद में उन्हें पता चला कि कुणाल व अक्षय पीछे रह गए हैं और उनके साथ हादसा हो गया। उन्हें पता लगा कि बीच रास्ते वह सुस्ताने के लिए कुछ देर रुक गए और उनके अलग हो गए।

हादसे की खबर सुन साथियों के हाथ थम गए
साथी मोनू ने बताया कि उन्हें बाद में कुणाल के सडक़ हादसे में मौत की जानकारी मिली। खबर सुनकर सभी साथी स्तब्ध रह गए। जिस गंगाजल को वह कुणाल के साथ लेकर लौट रहे थे, उसे बाद में यमुना घाट स्थित मंदिर में चढ़ा दिया गया।
एक झटके में उजड़ गए परिवार के सपने
कुणाल की मौत ने परिवार से उनका चिराग छीन लिया। जिस बेटे को माता-पिता पढ़ा-लिखाकर बेहतर भविष्य देना चाहते थे, जिस पर बहनों का स्नेह बरसता था और जो घर में सबसे छोटा होने के कारण सबका दुलारा था, वह अब उनके बीच नहीं है। हादसे ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी टीस शायद जिंदगी भर बनी रहेगी।