अन्नदाता को तोहफा: इस बॉर्डर तक बनेगी नई ड्रेन, बरसाती पानी से सिंचाई कर सकेंगे किसान
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 02:28 PM (IST)
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी ड्रेनों, नहरों व नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाए। विशेषकर आबादी क्षेत्रों में ड्रेन व नहरों के साथ मजबूत बर्म (किनारे) बनाए जाएं और कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जाए। शुक्रवार को सीएम सैनी सिंचाई, जनस्वास्थ्य व स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ ड्रेन, नहरों व नालों की सफाई की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
सैनी ने कहा कि फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी के लिए ड्रेन का प्रस्ताव बनाया जाए ताकि उस पानी का क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए उपयोग कर सकें। शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ रही है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्रों में अवरुद्ध हो रहा है। ऐसे क्षेत्रों के लिए नई जल निकासी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करें। बरसाती एवं नहीं जल निकासी संबंधित ड्रेन एवं नहरों की सफाई कार्य को तत्परता से पूरा करवाएं। सीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हो और टूटने के कगार पर हो उन्हें समय से पूर्व निरीक्षण कर मजबूत बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घग्गर, मारकंडा, टांगरी नदी की सफाई के साथ तटबंधों पर भी विशेष ध्यान दें। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में चीका के पास सरस्वती नदी के बहाव को सीधा किया जाए। बावल में इंडस्ट्री के पानी की निकासी के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग ने बताया कि अब तक 825 ड्रेन व नालों में से 713 पर कार्य कर लिया गया है। शेष पर आगामी जून माह तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शॉर्ट टर्म बाढ़ बचाव 425 कार्यों में से 250 कार्यों के टेंडर फाइनल कर दिए गए हैं और शेष माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे।