AIIMS से डॉक्टरी छोड़ बने IAS, फिर हार्वर्ड से ली डिग्री, सुशासन, नवाचार और जनसेवा की मिसाल हैं डॉ. आदित्य दहिया*
punjabkesari.in Friday, Aug 07, 2026 - 05:30 PM (IST)
चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी): हरियाणा प्रशासन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने अपनी कार्यशैली, दूरदृष्टि और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण अलग पहचान बनाई है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2011 बैच के अधिकारी डॉ. आदित्य दहिया उन्हीं चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं। चिकित्सा क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना और आज वे हरियाणा सरकार के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख अधिकारियों में गिने जाते हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार, मानव संसाधन, जिला प्रशासन और सुशासन जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके कार्यों ने उन्हें एक बहुआयामी प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।
डॉ. आदित्य दहिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में प्रवेश प्राप्त किया। यहां से उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। चिकित्सा क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य होने के बावजूद उन्होंने महसूस किया कि यदि व्यापक स्तर पर समाज और शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना है तो प्रशासनिक सेवा बेहतर माध्यम हो सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2011 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए।

प्रशासनिक सेवा में आने के बाद भी उन्होंने अध्ययन जारी रखा। उन्होंने इग्नू से पब्लिक पॉलिसी में स्नातकोत्तर किया और बाद में विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ की पढ़ाई कर स्वास्थ्य नीति, स्वास्थ्य प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को और मजबूत बनाया।
जिला प्रशासन में प्रभावी नेतृत्व
डॉ. आदित्य दहिया ने अपने प्रशासनिक करियर में कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। जींद के उपायुक्त के रूप में उनका कार्यकाल विशेष रूप से चर्चा में रहा। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने करनाल में भी उपायुक्त के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता, जनसंपर्क और विकास कार्यों को नई गति देने का प्रयास किया। इससे पहले वे अतिरिक्त उपायुक्त फरीदाबाद, एसडीएम जगाधरी तथा रोहतक में सहायक आयुक्त जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राज्य स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी
डॉ. आदित्य दहिया को हरियाणा सरकार ने समय-समय पर अनेक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में निदेशक तथा विशेष सचिव के रूप में कार्य किया, जहां मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता, संस्थागत विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया।
इसके अलावा उन्होंने मानव संसाधन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, प्रशासनिक सुधार विभाग तथा मॉनिटरिंग एवं कोऑर्डिनेशन विभाग में विशेष सचिव के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इन विभागों में उनका फोकस प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना रहा।
उन्होंने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग में निदेशक के रूप में भी कार्य किया तथा विभिन्न सरकारी उपक्रमों में प्रबंध निदेशक स्तर की जिम्मेदारियां संभालीं।
स्वास्थ्य और प्रशासन का अनूठा संगम
डॉ. आदित्य दहिया की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे चिकित्सा और प्रशासन दोनों क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हैं। डॉक्टर होने के कारण वे स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक चुनौतियों को करीब से जानते हैं। यही अनुभव उन्हें स्वास्थ्य नीति, मेडिकल शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े निर्णयों में प्रभावी दृष्टिकोण प्रदान करता है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय से सार्वजनिक स्वास्थ्य की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन, डेटा आधारित नीति निर्माण और स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के विषयों पर विशेष अध्ययन किया।

तकनीक आधारित सुशासन के समर्थक
डॉ. आदित्य दहिया आधुनिक प्रशासन में तकनीक के अधिकतम उपयोग के समर्थक माने जाते हैं। उनका मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस प्रणाली, डेटा विश्लेषण और पारदर्शी कार्यप्रणाली से प्रशासन अधिक जवाबदेह और प्रभावी बन सकता है।
वे प्रशासनिक निर्णयों में तथ्यों और आंकड़ों के उपयोग को महत्व देते हैं। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली में योजनाओं की नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और परिणाम आधारित मूल्यांकन प्रमुख विशेषताएं रही हैं।
प्रमुख उपलब्धियां
- डॉ. आदित्य दहिया की प्रशासनिक यात्रा कई उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरी रही है—
- एम्स से डॉक्टर बनने के बाद आईएएस अधिकारी बनने का प्रेरक सफर।
- हार्वर्ड विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ की डिग्री प्राप्त कर वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता हासिल की।
- जिला प्रशासन में पारदर्शी एवं जनकेंद्रित प्रशासनिक मॉडल को बढ़ावा दिया।
- चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों में योगदान।
- प्रशासनिक सुधार, मानव संसाधन और सामान्य प्रशासन जैसे प्रमुख विभागों में प्रभावी भूमिका निभाई।
- डिजिटल प्रशासन और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को बढ़ावा देने पर विशेष जोर।
- "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान सहित विभिन्न जनकल्याण कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सराहना प्राप्त की।
- चिकित्सा, शिक्षा और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों के अनुभव का प्रभावी समन्वय स्थापित किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
डॉ. आदित्य दहिया का जीवन उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि उद्देश्य जनसेवा हो तो किसी भी क्षेत्र की विशेषज्ञता को समाज के व्यापक हित में उपयोग किया जा सकता है।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, निरंतर अध्ययन और सेवा भावना के बल पर राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
संवेदनशील और परिणामोन्मुख अधिकारी
हरियाणा प्रशासन में डॉ. आदित्य दहिया की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो संवेदनशीलता, पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन को प्राथमिकता देते हैं। वे केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके प्रभाव का आकलन कर व्यवस्था में सुधार के प्रयास भी करते हैं।
चिकित्सा से प्रशासन तक का उनका सफर यह साबित करता है कि सही नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनसेवा का संकल्प किसी भी अधिकारी को विशिष्ट पहचान दिला सकता है। आज वे हरियाणा के उन युवा आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं जिनसे भविष्य में भी सुशासन, प्रशासनिक नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण