मिशन राज्यसभा: वोटिंग की ''गलती'' रोकने को भाजपा का मास्टरप्लान, तीन दिन चलेगा ट्रेनिंग कैंप

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 12:40 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारू और त्रुटिरहित बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायकों को मतदान की विशेष ट्रेनिंग दे सकती है। ट्रेनिंग 13 मार्च से 15 तक दी सकती है।


 इस प्रशिक्षण में खास तौर पर प्रथम वरीयता और द्वितीय वरीयता  के वोट को सही तरीके से दर्ज करने पर विशेष फोकस रहेगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राज्यसभा चुनाव की तकनीकी प्रक्रिया को समझना बेहद आवश्यक है, क्योंकि छोटी सी गलती भी वोट को अमान्य कर सकती है। राज्यसभा चुनाव सामान्य चुनावों से अलग होते हैं। इसमें प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली लागू होती है, जिसे “प्रेफरेंशियल वोटिंग” कहा जाता है। इस प्रणाली में विधायक बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के सामने अपनी पसंद के क्रम में अंक लिखते हैं। सबसे पहले “1” लिखकर अपनी पहली पसंद दर्ज की जाती है, इसके बाद “2”, “3” आदि लिखकर अन्य उम्मीदवारों के लिए वरीयता तय की जाती है। इसी कारण प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोटों का महत्व काफी बढ़ जाता है।

भाजपा नेतृत्व अपने विधायकों को यह समझाने जा रहा है कि पहली वरीयता का वोट सबसे निर्णायक होता है, क्योंकि जीत का मूल गणित उसी के आधार पर तय होता है। यदि किसी परिस्थिति में वोटों का स्थानांतरण या गणना का दूसरा चरण आता है, तो दूसरी वरीयता का वोट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी विधायक बैलेट पेपर भरते समय तकनीकी गलती न करे।सूत्रों के अनुसार इस प्रशिक्षण सत्र में विधायकों को मतदान की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार बैलेट पेपर पर अंक लिखने हैं, किस प्रकार गलती से बचना है और किस तरह मतदान के दौरान पार्टी अनुशासन का पालन करना है। कई बार बैलेट पेपर पर गलत निशान, गलत अंक या नियमों के विपरीत मतदान करने से वोट अमान्य हो जाता है, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।

राज्यसभा चुनाव में ओपन बैलेट सिस्टम लागू होता है। इसके तहत विधायक को मतदान के बाद अपना बैलेट अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाना होता है। यदि कोई विधायक अपने एजेंट को वोट नहीं दिखाता, तो उसका वोट निरस्त किया जा सकता है। इसलिए भाजपा अपने विधायकों को इस नियम की भी पूरी जानकारी देगी, ताकि मतदान के समय कोई भ्रम या गलती न हो। हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव कई बार अप्रत्याशित घटनाओं के कारण चर्चा में रहे हैं। अतीत में क्रॉस वोटिंग, तकनीकी विवाद और बैलेट से जुड़े मामलों ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है। ऐसे अनुभवों को देखते हुए राजनीतिक दल अब पहले से अधिक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। भाजपा भी इसी रणनीति के तहत अपने विधायकों को पहले से प्रशिक्षित करने की तैयारी कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा में राज्यसभा चुनाव अक्सर गणित और रणनीति का खेल बन जाते हैं। विधानसभा में दलों की संख्या, समर्थन का समीकरण और विधायकों का अनुशासन—ये सभी कारक चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी स्थिति में यदि मतदान प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की तकनीकी गलती हो जाए, तो उसका सीधा असर परिणाम पर पड़ सकता है।
इसी कारण भाजपा नेतृत्व अपने विधायकों को पूरी तरह तैयार करना चाहता है, ताकि मतदान के दिन सभी विधायक सही तरीके से प्रथम और द्वितीय वरीयता का वोट दर्ज करें और पार्टी की रणनीति के अनुरूप मतदान करें। माना जा रहा है कि इस कदम से न केवल मतदान प्रक्रिया स्पष्ट होगी, बल्कि विधायकों में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और चुनाव के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी चूक की संभावना भी कम हो जाएगी।
 


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Content Writer

Isha

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