सांसद बृजेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में IAS सेवा विस्तार पर उठाया सवाल

punjabkesari.in Friday, Aug 05, 2022 - 10:51 PM (IST)

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): हिसार के भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में आई.ए.एस. सेवा विस्तार पर सवाल उठाया। उन्होंने सभापति प्रोफेसर किरीट प्रेमजी भाई सोलंकी से कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में एक दरखास्त भेजी भारत सरकार को जिसमें कहा के 2022 में 11 वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारी रिटायर हो रहे हैं। जिसकी वजह से प्रदेश में अधिकारियों की संख्या कम हो जाएगी। जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आएगी और तीन अधिकारियों का नाम सेवा विस्तार के लिए भेजा गया है। जिस पर केंद्र सरकार ने कोई संतुति नहीं दी है। 

 

ब्रिजेन्द्र सिंह ने कहा कि आमतौर पर प्रदेश सरकारों का यह मत रहता है कि उनके पास अधिकारियों की कमी है, लेकिन यह आमतौर पर सही नहीं है। मैं हरियाणा का ही उदाहरण लूंगा अपेक्स स्केल है। सुपर टाइम स्केल से ऊपर का स्केल है। उसमें 2% और 8% जो टोटल काडर स्ट्रेंथ है, उसके अनुसार उसमें अधिकारी होने चाहिए। हरियाणा में अकेले अपेक्स स्केल में 16 अधिकारी है। आज के दिन टोटल 170 के आसपास अधिकारी है, तो सुपर टाइम स्केल से ऊपर की बात जाए तो 30 से ज्यादा अधिकारी है, किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है, चाहे वह केंद्र का अधिकारी हो या प्रदेश का जो सेवा विस्तार का सिलसिला है। इसे अगर खत्म ना भी कर सके, तो उसे बिल्कुल न्यूनतम स्तर पर करना चाहिए, क्योंकि इससे आने वाले अधिकारी हतोत्साहित होते हैं। उन्हें लगता है कि प्रदेश या केंद्र में उनके काम की इतनी अहमियत नहीं, जितनी उनसे सीनियर की है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने पिछले साल जो आदेश पारित किया, जो सी.डी.आर. है। उसकी एप्लीकेशन में बहुत गिरावट आई है और सरकार ने यह निर्णय किया था कि आने वाले समय में जब किसी भी प्रदेश से सेंटर डेपुटेशन पर अधिकारी मांगा जाएगा, तो उसमें स्टेट की कस्टेंड  या अधिकारी की कस्टेंड ना हो। बल्कि केंद्र का जो मत हो वह ओवरराइड करेगा।

 

उसके बाद सांसद ने कहा आंकड़ा सभापति के सामने रखना चाहूंगा। सन 2011 में ज्वाइंट सेक्रेट्री से नीचे के 309 अधिकारी के बजाय 2022 में यह घटकर 223 रह गए थे। जबकि डिप्टी सेक्रेट्री डायरेक्टर लेवल के आई.ए.एस. अधिकारी जिनका स्कैल उस लेवल का है। उनकी संख्या 2014 में 621 से बढ़कर 2021 में 1130 हो गई थी। उसके बावजूद यह ड्रॉप है। मेरा आपके माध्यम से सरकार को यह अनुरोध रहेगा, जो एक्सटेंशन का  सिलसिला है, इसे ज्यादा प्रोत्साहित ना किया जाए। जो निर्णय सरकार ने पिछले साल लिया, उसके तहत जो यह  शॉर्ट फॉर्म ऑफ को पूरा किया जाए।

 

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Content Writer

Gourav Chouhan

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