हरियाणा में स्कूल इमारतों पर चलेगा बुलडोजर, लापरवाह अफसरों की तय होगी जवाबदेही... जानें क्या है कारण

punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 08:03 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को गिराकर नई इमारतें बनाई जाएं। नई इमारतें न केवल आकर्षक हों, बल्कि वर्टिकल (ऊंचाई वाली) भी हों, ताकि बची हुई जगह का इस्तेमाल बच्चों के खेल के मैदान के तौर पर किया जा सके। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए कि गर्मी की छुट्टियों के बाद राज्य में किसी भी जर्जर इमारत में बच्चों को न पढ़ाया जाए; नई इमारत बनने तक उन्हें पास की सरकारी इमारतों या दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाए। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी शनिवार को हरियाणा निवास में CMGGA और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  अरुण कुमार गुप्ता, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव  विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, SPD  स्वप्निल रविंद्र पाटिल, मुख्यमंत्री के OSD  राजेश संधू और मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस असिस्टेंट शामिल हुए।

इस दौरान, मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस असिस्टेंट ने राज्य के विभिन्न स्कूलों और जल परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की। मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को स्कूलों में साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और अन्य सुविधाएं सुचारू रूप से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्कूलों में जल्द ही डुअल डेस्क उपलब्ध कराने को भी कहा। साथ ही, उन्होंने स्कूलों में पुराने कंप्यूटर और अन्य उपकरणों की नीलामी की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में नई इमारतों की जरूरत है, वहां निर्माण कार्य तेजी से किया जाए ताकि बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

रिपोर्ट मांगी गई, जवाबदेही तय की जाएगी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने CMGGA द्वारा दिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर, जिन स्कूलों में कमियां पाई गई हैं, उनकी रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री ने DEO (ज़िला शिक्षा अधिकारी) से लेकर सभी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, क्लास-A अधिकारी भी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी स्कूलों में व्यवस्था बनाए रखने आदि के लिए प्रिंसिपलों या हेड टीचरों की जवाबदेही तय की जाए; अगर किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

पानी से जुड़ी परियोजनाओं के बारे में भी निर्देश दिए गए

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को हरियाणा में पानी से जुड़ी परियोजनाओं को मज़बूत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री को 'अमृत सरोवर' के मूल्यांकन और जल निकायों की स्थिति के साथ-साथ राज्य के ग्रामीण इलाकों में 'महाग्राम योजना' के तहत हो रहे कामों की रिपोर्ट दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हरियाणा के उन गांवों में STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) पर खास ध्यान दें जहां 'महाग्राम योजना' का काम चल रहा है। इनके निर्माण, कनेक्शन आदि का काम समय पर पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही, आने वाले दिनों में बारिश को देखते हुए संबंधित विभाग को नालियों और सीवर आदि की सफाई करवाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मकसद आम जनता को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराना है।


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Content Writer

Isha

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