Haryana में टीजीटी प्रमोशन के लिए 30 सितंबर तक भेजने होंगे केस, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने डीईईओ को दिए सख्त निर्देश

punjabkesari.in Thursday, Sep 17, 2026 - 07:50 PM (IST)

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी):  हरियाणा के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने जेबीटी और सीएंडवी कैडर के योग्य एवं वरिष्ठता सूची में प्रमोशन से वंचित रह गए शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों के पदोन्नति केस हर हाल में 30 सितंबर 2026 तक मुख्यालय भेजे जाएं।

निदेशालय की ओर से गुरुवार को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी जिले में पात्र शिक्षक का केस छूट जाता है अथवा उसे निर्धारित समय सीमा के बाद भेजा जाता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की होगी। विभाग ने ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

इन विषयों में होगी टीजीटी पदों पर पदोन्नति
पदोन्नति प्रक्रिया के तहत योग्य जेबीटी एवं सीएंडवी शिक्षकों को टीजीटी मैथ, इंग्लिश, हिंदी, पंजाबी, साइंस, होम साइंस, संस्कृत और उर्दू के पदों पर पदोन्नत किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।विभाग ने पात्रता की कटऑफ तारीख 31 मार्च 2026 निर्धारित की है। यानी इस तारीख तक संबंधित आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले शिक्षक ही पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही एचटेट पास होना भी अनिवार्य किया गया है। एचटेट परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों के केस आगे मुख्यालय नहीं भेजे जाएंगे।

हार्ड कॉपी के साथ सॉफ्ट कॉपी भी भेजनी होगी
निदेशालय ने सभी जिलों के डीईईओ को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों के केस 30 सितंबर तक मैनुअल यानी बाय हैंड हार्ड कॉपी के साथ निर्धारित ईमेल आईडी पर सॉफ्ट कॉपी में भी भेजना सुनिश्चित करें। विभाग ने समय सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि पदोन्नति की अंतिम प्रक्रिया में किसी पात्र शिक्षक का मामला लंबित न रहे।

पहले भेजे जा चुके केस दोबारा भेजने की जरूरत नहीं
विभाग ने प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिन शिक्षकों के पदोन्नति केस वर्ष 2025-26 के दौरान पहले ही मुख्यालय भेजे जा चुके हैं, उन्हें दोबारा पूरा केस भेजने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, जिन शिक्षकों के केस 2025 से पहले भेजे गए थे, उनके मामले में अपडेटेड दस्तावेजों के साथ नया केस भेजना होगा।
ऐसे मामलों में अपडेटेड एसीआर समरी शीट और नवीनतम एनओसी लगाना अनिवार्य होगा। इससे विभाग को संबंधित शिक्षक की मौजूदा सेवा स्थिति और रिकॉर्ड के आधार पर पदोन्नति की पात्रता जांचने में सुविधा होगी।

40,773 शिक्षकों की राज्यस्तरीय वरिष्ठता सूची जारी
पदोन्नति प्रक्रिया के लिए विभाग की वेबसाइट पर 1 से 40,773 क्रमांक तक के शिक्षकों की राज्यस्तरीय वरिष्ठता सूची जारी की जा चुकी है। इसी वरिष्ठता सूची के आधार पर पात्र शिक्षकों के मामलों की जांच की जाएगी।mपदोन्नति हरियाणा सर्विस रूल्स 2021/2023 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। ऐसे में संबंधित शिक्षक अपनी वरिष्ठता, शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तों की जांच करते हुए यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका केस संबंधित जिला कार्यालय के माध्यम से निर्धारित समय सीमा में मुख्यालय पहुंच जाए।

जिलों को समय सीमा का पालन करने के निर्देश
निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का जोर इस बात पर है कि वरिष्ठता सूची और निर्धारित सेवा नियमों के अनुरूप सभी पात्र शिक्षकों के मामलों की जांच पूरी कर पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए।

 
 


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Content Writer

Isha

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