चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की बड़ी उपलब्धि: QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026 के शीर्ष 300 में शामिल, हरियाणा के छात्रों ने रचा इतिहास
punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 02:46 PM (IST)
रेवाड़ी( महेंद्र भारती): चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रणाली, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल-एरोनॉटिकल एवं मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख विषयों में दुनिया की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में स्थान बनाया है।
यह जानकारी यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफेसर (डॉ.) आर.एस. बावा ने रेवाड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जहां यूनिवर्सिटी केवल 5 विषयों में रैंकिंग में शामिल थी, वहीं इस बार 11 विषयों में स्थान बनाकर यूनिवर्सिटी दुनिया की शीर्ष 1 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है।

100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे विद्यार्थी
उन्होंने बताया कि कंप्यूटर साइंस, रसायन विज्ञान, व्यवसाय प्रबंधन, गणित, भौतिक विज्ञान, जैविक विज्ञान और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों में यूनिवर्सिटी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध पत्रों के उद्धरण, एच-इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क जैसे वैश्विक मानकों पर आधारित है।
प्रोफेसर बावा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी सीयूसीईटी-2026 के माध्यम से 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। इसमें 200 करोड़ रुपये मोहाली परिसर तथा 50 करोड़ रुपये लखनऊ परिसर के लिए निर्धारित किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी योग्यता के आधार पर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकते हैं।

1.40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने उठाया लाभ
उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से अब तक 1.40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी की छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ उठाया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हरियाणा के 9678 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। रोजगार के क्षेत्र में भी यूनिवर्सिटी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। वर्ष 2025 में 1300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को 10 हजार से अधिक नौकरी प्रस्ताव दिए।
सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपये तथा घरेलू पैकेज 59.9 लाख रुपये वार्षिक रहा। प्रोफेसर बावा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में हरियाणा के 2034 से अधिक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार मिला है। इनमें रेवाड़ी के 49 विद्यार्थियों ने भी बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों से आकर्षक नौकरी प्रस्ताव प्राप्त किए हैं।
उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के लक्ष्म शर्मा देशवाल को 9 लाख रुपये वार्षिक, तुषार सचदेवा को 8.5 लाख रुपये, आरजू को 8 लाख रुपये, तन्मय गर्ग को 7.64 लाख रुपये तथा नैना को 6 लाख रुपये वार्षिक वेतन के प्रस्ताव मिले हैं। शोध और नवाचार के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी के नाम 24 हजार से अधिक शोध प्रकाशन दर्ज हैं। 6000 से अधिक पेटेंट दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि 260 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं।

खेलों में भी यूनिवर्सिटी ने बनाई पहचान
यूनिवर्सिटी के 44 फैकल्टी सदस्य विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। खेलों में भी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में 71 पदक जीतकर यूनिवर्सिटी देश की पहली निजी यूनिवर्सिटी बनी जिसने माका ट्रॉफी जीती
। वहीं 2025 में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। प्रोफेसर बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध, खेल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर देश की अग्रणी निजी यूनिवर्सिटियों में अपनी अलग पहचान बना रही है।