सुशांत लोक एनकाउंटर मामला- चीनी रक्षा एजेंसियों के हथियार से हुई थी व्यापारी के घर गोलियों की बौछार

punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 07:56 AM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): सुशांत लोक के ए ब्लॉक में गुरुवार रात हुए एनकाउंटर मामले में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। मुठभेड़ के दौरान मारे गए शूटरों के पास से जो अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं, वे कोई आम या स्थानीय स्तर पर बने हथियार नहीं हैं। पुलिस जांच के मुताबिक शूटरों के पास चीनी रक्षा निर्माता कंपनी नोरिनको की बनी बेहद घातक और महंगी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौलें थीं।

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इस खुलासे ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के एक बड़े और खतरनाक को नेटवर्क के बारे में पता चला है। गुरुग्राम पुलिस अब इस पूरे सप्लाई चेन को खंगालने में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई चीनी पिस्तौल का आधिकारिक नाम नोरिनको पीएक्स-तीन है, जिसे बाजार में एनपी762 के नाम से भी जाना जाता है। इस पिस्टल में 30 बोर के कारतूस का इस्तेमाल होता है, इसलिए अवैध हथियारों के बाजार में इसे पीएक्स-30 कहा जाता है। इस पिस्तौल का डिजाइन मशहूर सिग सॉयर पिस्तौल से काफी मिलता-जुलता है। इसमें एल्युमीनियम फ्रेम, एक्सपोज्ड हैमर और डबल-एक्शन/सिंगल-एक्शन ट्रिगर सिस्टम होता है। यह पिस्तौल 17 राउंड की डिटेचेबल (अलग होने वाली) मैगजीन के साथ आती है।

 

सुशांत लोक में बदमाशों ने इसी मैगजीन का इस्तेमाल कर अंधाधुंध फायरिंग करने का आरोप है। इसमें इस्तेमाल होने वाला टोकारेव कारतूस अपनी बेहद उच्च गति और अचूक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया अवैध ब्लैक मार्केट में ये पिस्तौलें मशहूर ऑस्ट्रियन ग्लॉक हैंडगन से भी ज्यादा महंगी हैं। ब्लैक मार्केट में एक पीएक्स-30 पिस्तौल की कीमत आठ से दस लाख के बीच होती है। 

 

10 करोड़ की रंगदारी और 60 राउंड फायरिंग

यह पूरा मामला एक नामी बिजनेसमैन विशाल बेरी से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने से शुरू हुआ था। पुलिस का मानना है कि कुख्यात गैंगस्टर दीपक नांदल फिलहाल ब्रिटेन भाग चुका है। उसी इशारे पर पांच शूटर 36 वर्षीय व्यवसायी के घर पर हमला करने पहुंचे थे। बदमाशों ने पहले कारोबारी के घर पर गोलियां बरसाई थी। खुफिया इनपुट के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीमें पहले से ही मुस्तैद थीं। जैसे ही पुलिस टीम ने उन्हें घेरा, शूटरों ने पुलिस पर अपनी सेमी-ऑटोमैटिक चीनी पिस्तौलों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से 60 से अधिक राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में चार शूटर ढेर हो गए, जबकि पांचवां शूटर गंभीर रूप से घायल है और फिलहाल निजी अस्पताल में भर्ती है। घायल बदमाश शिवम भी खेल से जुड़ा हुआ है और जूड़ो का खिलाड़ी है।

 

पाकिस्तान और नेपाल के रास्ते भारत में आने का अंदेशा

जांच में सामने आया है कि ये अत्याधुनिक चीनी हथियार पाकिस्तान के अवैध हथियार बाजारों, विशेषकर पेशावर में आसानी से उपलब्ध हैं। वहां से इन्हें ड्रोन ड्रॉप्स या फिर नेपाल सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया जाता है। यह कोई पहली बार नहीं है जब सुरक्षा एजेंसियों ने इन हथियारों को बरामद किया है। जानकारी के अनुसार 19 जून को पंजाब के अमृतसर में बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने 25 पिस्तौलों की एक खेप पकड़ी थी, जिसमें नोरिनको पिस्तौलें और एक एके-47 शामिल थी। इसके अलावा 21 जनवरी को फाजिल्का बॉर्डर पर 11 ग्लॉक, पांच जिगाना और तीन नोरिनको पिस्तौलें बरामद की गई थीं। इस साल फरवरी में दिल्ली पुलिस ने कौशल चौधरी गैंग के एक गुर्गे से भी एक पीएक्स-30 पिस्तौल बरामद की थी।

 

आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस

इस मामले के तार अब प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और विदेशों में बैठे गैंगस्टरों से जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस गैंगस्टर दीपक नांदल और भारत सरकार द्वारा घोषित आतंकवादी लखबीर सिंह के करीबी सहयोगी नौशहरा के बीच के संबंधों की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक नौशहरा पाकिस्तान से ड्रोन और अन्य जरियों से ग्लॉक और नोरिनको जैसे विदेशी हथियारों को पंजाब और हरियाणा के स्थानीय गैंग्स तक पहुंचाने का एक बड़ा नेटवर्क चलाता है।

 

अनजान होते हैं जमीनी शूटर

अधिकारी ने बताया कि गैंग का काम करने का तरीका बेहद शातिराना है। वारदात को अंजाम देने वाले जमीनी शूटरों को यह कभी नहीं पता होता कि हथियार कहां से आ रहे हैं और इनका असली सप्लायर कौन है। उन्हें सिर्फ एक तय लोकेशन पर जाकर हथियार कलेक्ट करने का निर्देश दिया जाता है, ताकि पकड़े जाने पर भी मुख्य सरगना और कूरियर नेटवर्क महफूज रहे।

 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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