बच्चों को देखते ही रुकना, दुलारना, गोद में उठाना और सेल्फी के लिए देना समय, CM सैनी के सहज अंदाज ने बनाई अलग जनछवि
punjabkesari.in Monday, Aug 10, 2026 - 09:56 AM (IST)
चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक मंचों, सरकारी बैठकों और प्रशासनिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। अपने सहज, सरल और मिलनसार व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री का एक अलग रूप तब दिखाई देता है, जब उनके आसपास बच्चे होते हैं। बच्चों को देखते ही उनका चेहरा खिल उठता है और व्यस्त कार्यक्रम के बीच भी वह कुछ पल उनके लिए निकाल लेते हैं। यही आत्मीयता उन्हें बच्चों के बीच भी खासा लोकप्रिय बनाती है।
बच्चों के बीच पहुंचते ही बदल जाता है माहौल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आमतौर पर युवा, बुजुर्गों और महिलाओं के बीच सहजता से संवाद करते देखा जाता है, लेकिन बच्चों के साथ उनका व्यवहार और भी अधिक आत्मीय नजर आता है। किसी कार्यक्रम में यदि कोई बच्चा उनकी नजरों के सामने आ जाए तो वह अक्सर रुककर उससे बातचीत करते हैं। बच्चे भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर संकोच छोड़ देते हैं और उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताते हैं।नायब सैनी बच्चों की इस मासूम इच्छा को सहजता से स्वीकार करते हैं। वह उनके साथ सेल्फी लेते हैं, उन्हें दुलारते हैं और कई बार छोटे बच्चों को गोद में उठाकर उनसे बातचीत भी करते हैं। उनके इस व्यवहार में औपचारिकता कम और पारिवारिक अपनापन अधिक दिखाई देता है।
समाना में मासूम मुस्कान ने खींचा ध्यान
हाल ही में पंजाब के समाना और पटियाला क्षेत्र के दौरे के दौरान भी मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति यही स्नेह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान एक मासूम बच्ची ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई। नायब सैनी ने उसकी इच्छा को सहजता से स्वीकार किया और उसके साथ प्यारी-सी सेल्फी ली।इस मुलाकात की खास बात यह रही कि यह तस्वीर सामान्य मुलाकात के दौरान नहीं, बल्कि हेलीकॉप्टर में बैठने के दौरान बनी। मुख्यमंत्री के लिए यह शायद उनके व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रम के बीच कुछ क्षणों का छोटा-सा पड़ाव रहा हो, लेकिन उस बच्ची के लिए यह यादगार पल बन गया। मासूम मुस्कान और मुख्यमंत्री की सहजता ने इस मुलाकात को खास बना दिया।
पद की गरिमा के साथ बच्चों के लिए सहजता
मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए नायब सैनी का कार्यक्रम सामान्यतः बेहद व्यस्त रहता है। बैठकों, प्रशासनिक कार्यक्रमों, जनसभाओं और राजनीतिक गतिविधियों के बीच समय की कमी स्वाभाविक है। इसके बावजूद बच्चों के लिए कुछ क्षण निकालना उनके व्यक्तित्व के उस पक्ष को सामने लाता है, जिसमें पद और प्रोटोकॉल से अलग मानवीय संवेदनाएं दिखाई देती हैं। बच्चों के साथ उनका व्यवहार यह संदेश भी देता है कि सार्वजनिक जीवन में व्यस्त रहने वाले जनप्रतिनिधि के लिए आम लोगों से भावनात्मक जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। खासकर बच्चे किसी राजनीतिक पद या प्रोटोकॉल को नहीं समझते। वे सामने वाले व्यक्ति के व्यवहार और स्नेह को महसूस करते हैं। शायद यही वजह है कि नायब सैनी के साथ बच्चे बिना झिझक घुल-मिल जाते हैं।
गोद में उठाकर देते हैं स्नेह
कई मौकों पर मुख्यमंत्री छोटे बच्चों को गोद में उठाते हुए भी नजर आए हैं। किसी कार्यक्रम में अभिभावक बच्चे को लेकर उनके पास पहुंचते हैं तो मुख्यमंत्री बच्चे से कुछ पल बात करने के बाद उसे गोद में उठा लेते हैं। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी और मुख्यमंत्री की मुस्कान माहौल को सहज बना देती है। राजनीतिक जीवन में जहां नेताओं की पहचान अक्सर भाषणों, फैसलों और राजनीतिक गतिविधियों से होती है, वहीं ऐसे छोटे-छोटे मानवीय क्षण उनके व्यक्तित्व की अलग तस्वीर सामने लाते हैं। नायब सैनी के मामले में बच्चों के साथ उनकी आत्मीयता इसी मानवीय पक्ष को उजागर करती है।
मासूमियत से जुड़ाव, राजनीति से अलग रिश्ता
बच्चों के साथ मुख्यमंत्री की यह आत्मीयता किसी राजनीतिक संबोधन या औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं होती। इसमें न भाषण होता है और न राजनीतिक संदेश। केवल कुछ पल की बातचीत, मुस्कान, दुलार और तस्वीर होती है। यही वजह है कि ऐसे दृश्य लोगों के बीच स्वाभाविक रूप से आकर्षण पैदा करते हैं।नायब सैनी की राजनीतिक छवि में सरलता और सहजता को महत्वपूर्ण माना जाता है। बच्चों के प्रति उनका व्यवहार इस छवि को और मजबूत करता दिखाई देता है। वह बच्चों को केवल कार्यक्रम में मौजूद छोटे मेहमानों के तौर पर नहीं, बल्कि अपने परिवार के बच्चों की तरह अपनापन देते नजर आते हैं।
सोशल मीडिया पर भी पसंद आते हैं ऐसे पल
मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच होने वाली ऐसी मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। राजनीतिक गतिविधियों से इतर जब किसी नेता का मानवीय पक्ष सामने आता है तो वह आम लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने में मदद करता है। बच्चों के साथ नायब सैनी की तस्वीरें भी इसी तरह उनके सहज व्यक्तित्व को सामने लाती हैं।
बच्चों के लिए मुख्यमंत्री का संदेश—स्नेह और भरोसा
नायब सैनी का बच्चों के प्रति व्यवहार केवल तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं दिखाई देता। बच्चों को समय देना, उनकी बात सुनना, दुलारना और उनकी छोटी-सी इच्छा को पूरा करना उनके व्यवहार का हिस्सा बनता जा रहा है। यही वजह है कि बच्चे भी उन्हें देखकर उत्साहित नजर आते हैं।मुख्यमंत्री का यह अंदाज उनके राजनीतिक व्यक्तित्व का एक मानवीय चेहरा सामने लाता है। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग जहां उनसे अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं के साथ जुड़ते हैं, वहीं बच्चे उन्हें स्नेह और सहजता के साथ स्वीकार करते दिखाई देते हैं। शायद यही किसी जनप्रतिनिधि के लिए सबसे आत्मीय रिश्ता होता है—जहां परिचय की जरूरत नहीं होती, केवल एक मुस्कान काफी होती है।