हरियाणा में पैरेलल बिजली लाइसेंस पर घमासान, आयोग अध्यक्ष बोले-उपभोक्ताओं को होगा लाभ, मिलेगा विकल्प
punjabkesari.in Tuesday, Oct 20, 2026 - 02:58 PM (IST)
यमुनानगर : हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों में पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के बाद प्रदेश भर में कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज भी इसका विरोध कर चुके हैं। इसी बीच, हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने यमुनानगर में मीडिया से इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की।
आयोग के अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने कहा कि इलेवन पावर कंपनी को पैरेलल लाइसेंस दिया गया है, जिसके लिए कंपनी ने आवेदन किया था। इस मामले में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम सहित सभी कर्मचारी संगठनों और इंजीनियर संगठनों से आपत्तियां मांगी गई थीं। सभी ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने बताया कि इसके बाद विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की गई, जिसने सभी पहलुओं की जांच की। कमेटी की रिपोर्ट आयोग के पास आने के बाद आयोग ने फिर से दोनों डिस्कॉम कंपनियों के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों, इंजीनियर संगठनों और आम लोगों से आपत्तियां लीं। आपत्तियां सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया। इसी दौरान कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चले गए, जहां आयोग की ओर से कहा गया कि वह फिर से सुनवाई का एक और मौका देने को तैयार है। इसके बाद दोबारा लोगों की आपत्तियां ली गईं और सभी आपत्तियों को आयोग की वेबसाइट पर डाला गया। उसके बाद यह फैसला लिया गया है।
आयोग अध्यक्ष का कहना है कि यह पैरेलल लाइसेंस है, जो कंपनी पहले से काम कर रही है वह करती रहेगी। अब उपभोक्ताओं के पास विकल्प आ गया है। उपभोक्ता जिसे चाहे उसकी सेवाएं ले सकता है, इससे निश्चित रूप से उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम और नूंह में दिए गए इस पैरेलल लाइसेंस को लेकर पूरे हरियाणा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 22, 23, 24 अक्टूबर को हड़ताल की चेतावनी दी है और पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा भी की है।