कमीशन ने मांगी थी रिपोर्ट नहीं मिली तो अब प्रोजैक्ट का विवरण मांगा

8/3/2020 11:45:28 AM

चंडीगढ़ (विजय गौड़): राज्य में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने के लिए हरियाणा सरकार के मंत्री बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। पहले चरण के लिए तय किए गए टारगेट से राज्य सरकार अभी भी काफी पीछे चल रही है। यही वजह है कि हरियाणा इलैक्ट्रिसिटी रैगुलेटरी कमीशन (एच.ई.आर.सी.) ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यू.एच.बी.वी.एन.एल.) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लि.(डी.एच.बी.वी.एन.एल.) से रिपोर्ट मांगी थी कि कब तक इस प्रोजैक्ट का पहला चरण पूरा होगा? इसके जवाब में दोनों निगमों ने रिपोर्ट की बजाय एक पत्र भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

जिस पर एच.ई.आर.सी. पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जिस कारण अब कमीशन ने प्रोजैक्ट से जुड़ा पूरा विवरण मांगा है। कमीशन ने पूछा है कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को आखिर प्रीपेड मीटर की सुविधा कौन सी तारीख से मिलेगी? इसके साथ ही दोनों निगमों ने जो एम.ओ.यू. एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसिज लिमिटेड (ई.ई.एस.एल.) के साथ साइन किया है। उसकी भी प्रतियां मांगी है। 
यही नहीं, कमीशन ने पूछा है कि एम.ओ.यू. में इस प्रोजैक्ट को लागू करने का एग्रीमैंट भी शामिल है? अब दोनों निगमों को अपनी रिपोर्ट 21 अगस्त तक कमीशन के पास सबमिट करवानी होगी।

8 जुलाई तक लगाए गए 1,44,914 मीटर
रिपोर्ट की बजाय जो पत्र दोनों निगमों ने कमीशन को भेजे हैं, उसमें जानकारी दी है कि पहले चरण के तहत जो 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का टारगेट फिक्स किया गया था। उसमें से 8 जुलाई तक 1,44,914 मीटर ही लग पाए हैं। ए.पी.आई. स्मार्ट मीटर बिलिंग के जरिए 23,269 उपभोक्ताओं की बिलिंग शुरू हो चुकी है। जितने मीटर रह गए हैं उन्हें अगले साल 30 जून तक लगा दिया जाएगा। इस साल दिसम्बर तक पूरे राज्य में कितने स्मार्ट मीटर लगाए जा सकेंगे। इसकी भी जानकारी अब यू.एच.बी.वी.एन.एल. और डी.एच.बी.वी.एन.एल. को देनी होगी।

एफिडेविट सबमिट करवाने के निर्देश
कमीशन ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। जिसके बाद से मामले में सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। जो जवाब भेजा गया है। उस पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए कमीशन ने सख्त हिदायत दी है कि जो जानकारी मांगी है, वह किसी अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ एफिडेविट के रूप में सबमिट करवाई जाए। कमीशन ने दोनों ही निगमों से पूछा है कि अभी तक इस प्रोजैक्ट पर कितना खर्चा किया जा चुका है? यही नहीं, प्रोजैक्ट की कुल लागत और यह भी जानकारी देने के लिए है कि इसकी फंङ्क्षडग कहां से होगी?


Edited By

Manisha rana

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