यूपी-हरियाणा की सरकारों में समन्वय न होने के कारण बेबस मजदूर झेल रहे दंश: बंसल

5/19/2020 4:43:45 PM

चंडीगढ़ (धरणी): कोरोना महामारी लॉकडाउन के कारण हल्का कालका में फंसे 520 प्रवासियों को 17 बसों के माध्यम से उत्तरप्रदेश के सहारनपुर के लिए हरियाणा रोडवेज की कालका सब डिपो से रवाना किया गया था परन्तु दोनों प्रदेशों व केंद्र में भी भाजपा सरकार होने के बावजूद आपसी तालमेल न होने के चलते समन्वय न होने का भुगतान बेबस मजदूरों को भरना पड़ा। यह कहना है हरियाणा किसान कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व राज्य सरकार में चेयरमेन रह चुके विजय बंसल एडवोकेट का। 

विजय बंसल ने कहा कि यह मजदूर हैं, परन्तु मजबूर नहीं जो इनको प्रताडि़त किया जा रहा है। यह बहुत ही दुखदायी है कि हरियाणा व उत्तरप्रदेश में भाजपा की सरकार है, परन्तु फिर भी मजदूरों के साथ सौतेला व्यव्हार कर तुच्छ राजनीति का परिचय दिया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने जब इन्हें उत्तर प्रदेश भेजने का कार्यक्रम बनाया तो उस समय प्रशासन व सरकार को यूपी प्रशासन से परमिशन आदि लेकर समन्वय बनाना चाहिए था जबकि ऐसा न करके कर्जे में चल रहे राजकीय कोष पर बोझ डाला गया। 17 बसों का कालका से जाकर सरसावा से बैरंग लौटना कहीं न कहीं हरियाणा सरकार की नाकामी व उत्तरप्रदेश सरकार की असंवेदनशीलता का परिचय देता है।

विजय बंसल ने कहा कि कभी तो मजदूरों के साथ हरियाणा सरकार के पुलिस विभाग द्वारा यमुनानगर में मारपीट की जाती है तो कभी उन्हें पैदल सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और अब तो हद की परिकाष्ठा पार हो गई जब एक राज्य सरकार द्वारा रोडवेज की बसों के माध्यम से भेजे गए प्रवासी मजदूरों को ही वापिस भेजकर असंवेदनशीलता का परिचय यूपी सरकार द्वारा दिया गया।

बंसल ने कहा कि यह समय सियासत का नहीं है जब पूरा देश व विश्व महामारी से लडऩे का काम कर रहा है, ऐसे समय में सभी एकजुट होकर महामारी से लडऩे का काम करें। मजदूर लाचार हैं, उन्हें दिहाड़ी नहीं मिल रही, रोजी रोटी की चिंता है। अपने घर जाकर वह स्वयं को सुरक्षित महसूस होने का सोच रहे हैं, ऐसे में यूपी व हरियाणा सरकार समन्वय बनाए और उनके लिए उचित प्रबंध करे।

विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों को न्याय दिया जाए और उन्हें या तो यूपी सही सलामत इज्जत के साथ पहुंचाया जाए अन्यथा हरियाणा में ही उचित व्यवस्था की जाए। बंसल का यह भी कहना है कि यदि मजदूरों को यूपी प्रशासन अपने प्रदेश में एंट्री नहीं दे रहा तो नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश दिए जाएं कि बसों में बिठाकर झूठी वाहवाही लूटने का काम न करें।

Shivam