NEET Paper लीक के विरोध में सीएम आवास घेरने पहुंचे कांग्रेसी, पुलिस ने रोका; कई नेता हिरासत में लेकर छोड़े
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 04:43 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): नीट पेपर लीक मामले और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। बाद में कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर करीब 12 बजे एचएसवीपी कार्यालय के समीप एकत्रित हुए, जहां सभा आयोजित की गई। सभा के बाद कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के निकट पहुंचे और आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक रामकरण काला, पिहोवा विधायक मनदीप सिंह चट्ठा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब तथा युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष निशांत कटारिया सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि लगभग 15 मिनट बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और त्रुटिरहित व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाते हुए आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन से एक दिन पहले युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष निशांत कटारिया ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं की मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हो रही है।
उधर, प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पहले से ही सतर्क थी। मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी तथा विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आवास की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।