हरियाणा विधानसभा सत्र में संविधान संशोधन बिल पास, कल विधायकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

1/20/2020 5:37:15 PM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा विधानसभा ने संविधान संशोधन (126वां) बिल को पास कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के बाद अब हरियाणा सरकार द्वारा भी संशोधित एससी/एसटी एक्ट पर मुहर लगाए जाने के बाद हरियाणा के 17 विधानसभा क्षेत्रों तथा दो लोकसभा क्षेत्रों में अगले दस साल के लिए आरक्षण लागू हो गया है। इससे पूर्व राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल ने दो मिनट अभिभाषण पढ़ा। राज्यपाल ने कहा कि चूंकि आज हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र है, इसलिए विस्तृत अभिभाषण बजट सत्र में पढ़ूंगा। इसके साथ ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण खत्म कर दिया। 

लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में एससी,एसटी की सीटों का आरक्षण 25 जनवरी, 2020 को समाप्त हो रहा है। तीन सप्ताह पहले शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने इसे 10 वर्ष के लिए बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने संसद में विधेयक पारित कराया था, अब राज्य विधानसभाओं द्वारा मंजूरी दी जा रही है। हरियाणा में लोकसभा की दो और विधानसभा की 17 सीटें एससी के लिए आरक्षित हैं। सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन संशोधन विधेयक को मंजूरी के बाद ये सीटें अगले दस साल के लिए फिर से आरक्षित हो गई हैं। 

सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन के नेता एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 368 के उपबंध दो के अंतर्गत आते सभी संवैधानिक संशोधन,संविधान (126वां संशोधन) बिल 2019 के माध्यम से हरियाणा में इस एक्ट को लागू करने का प्रस्ताव है। सीएम द्वारा सदन में प्रस्ताव पेश किए जाने का नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य सभी विधायकों ने समर्थन किया। इसके चलते हरियाणा विधानसभा में संशोधित एससी/एसटी एक्ट को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

इससे पूर्व,सदन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पूर्व मंत्री शमशेर सिंह सुरजेवाला के निधन पर शोक जताया। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री ईश्वर दयाल स्वामी, पूर्व सांसद अश्विनी कुमार और हेतराम के साथ ही दिवंगत स्वतंत्रता सेनानियों और हरियाणा के शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी गई। 

हरियाणा में आरक्षण की स्थिति
हरियाणा में लोकसभा की कुल 10 लोकसभा सीटों में से अंबाला और सिरसा लोकसभा सीट आरक्षित हैं, जबकि विधानसभा की कुल 90 सीटों में से 17 सीटें आरक्षित हैं। इनमें मुलाना, सढौरा, शाहाबाद, गुहला, नीलोखेड़ी, इसराना, खरखौदा, नरवाना, कालांवाली, रतिया, उकलाना, बवानीखेड़ा, झज्जर, कलानौर, बावल, पटौदी, होडल शामिल हैं। विधानसभा में यह बिल पारित होने के बाद इन लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का आरक्षण दस वर्ष के लिए बढ़ गया है।

ये बिल भी हुए विधानसभा में पेश
नगर पालिका संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी
मोटर वहीकल हरियाणा संशोधन विधेयक 2019
हरियाणा पंचायती राज संशोधन विधेयक 2019
हरियाणा ग्रुप डी भर्ती एवं सेवा संशोधन विधेयक 2019
शमशेर सिंह सुरजेवाला के निधन पर शोक जताया

दूसरे दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण
सोमवार को ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। कल दोपहर तक विधायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। हरियाणा विधानसभा में चुनकर पहुंचे विधायकों को विधायी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण विशेष सत्र के बाद मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू होगा। दो दिन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आखिरी दिन बुधवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला करीब 40 मिनट तक विधायकों को विधायी कार्यों का पाठ पढ़ाएंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोकसभा और राज्यसभा के अफसरों के अलावा प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य भी पहुंचेंगे।

पहली बार होगा प्रशिक्षण
विधानसभा सचिवालय की ओर से भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संबोधन से शुरू होगी। इसके बाद विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और लोकसभा के तीन सीनियर अफसर विनय कुमार मोहन,जय कुमार और पुलीन बी भोटिया विधायकों को कार्यवाही के बारे में विस्तार से बताएंगे। प्रदेश के 90 विधायकों में 44 पहली पर चुनकर आए हैं, जबकि 18 विधायकों दूसरी बार विधानसभा तक पहुंचे हैं। बता दें कि यह पहली बार होगा जब विधानसभा में ही विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले बाहर ही प्रशिक्षण दिया जाता रहा है।

सीटिंग प्लान में बदलाव
विधानसभा में सीटिंग प्लान में कुछ बदलाव किया गया है। इनेलो के एकमात्र विधायक अभय सिंह चौटाला व हरियाणा लोकहित पार्टी के विधायक गोपाल कांडा को अब पीछे बैठना पड़ेगा। इनकी सीटें निर्दलीयों के आस-पास रहेगी। निर्दलीय विधायकों की संख्या सात है।


Shivam

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