खैर तस्करी को लेकर गिरी गाज, मोरनी पिंजौर के वन दरोगा को किया निलंबित
punjabkesari.in Tuesday, May 26, 2026 - 03:17 PM (IST)
पंचकूला: हरियाणा वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोरनी-पिंजौर संभाग के वन दरोगा अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान को रोकने में विफल रहने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप ने हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका से मुख्यालय उप वन संरक्षक कार्यालय, कुरुक्षेत्र निर्धारित किया गया है।
अवैध कटान के इस मामले को 19 मई के माई सिटी संस्करण में प्रमुखता के से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद हरियाणा के मुख्य वन संरक्षक केसी मौत मीना ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच के आधार पर वन विभाग ने उनके खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, वन संपदा की सुरक्षा में विफल रहने और निर्धारित मुख्यालय पर मौजूद न रहने जैसे आरोप लगाए हैं।
वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत ने निलंबन आदेश जारी किए।जानकारी के अनुसार 17 मई 2026 को भवाना बीट के अंतर्गत गांव जैथल के पास सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान और छिलाई का मामला सामने आया था। वन राजिक अधिकारी (आरओ) पिंजौर के मौके पर पहुंचने पर बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा हुआ मिला।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन दरोगा अजीत सिंह को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। साथ ही तस्करों की घेराबंदी या कार्रवाई के लिए भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश
विभाग ने वन दरोगा रामपाल को पिंजौर ब्लॉक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपते हुए तत्काल जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।