पाकिस्तान से संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; पुलिस ने सरगना सहित 3 को दबोचा
punjabkesari.in Wednesday, Jun 17, 2026 - 04:08 PM (IST)
डेस्क: पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे साइबर ठगी के गिरोह का भंडाफोड़ कर रोहिणी जिले की साइबर थाना पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। भारत में गिरोह का सरगना मोहम्मद नूर आलम पिछले डेढ़ साल से साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था और ठगी के बाद मिलने वाला पैसा क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर पाकिस्तान भेजता था। अब तक वह 10 से अधिक लोगों से साइबर ठगी में शामिल रहा है और 15 लाख रुपये से अधिक की राशि पाकिस्तान भेज चुका है। पाकिस्तानी नागरिक से लगातार संपर्क और उससे निर्देश मिलने की बात सामने आने के बाद इस मामले की आतंकी फंडिंग एंगल से भी जांच की जा रही है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि प्रशांत विहार निवासी वीके पुरी को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने के मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नौ जनवरी से 16 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने कई बैंक खातों में 15 लाख 31 हजार 997 रुपये ट्रांसफर किए। जांच में दो खातों की पहचान हुई। पहला खाता यूनियन बैंक में अंकित का था, जिसमें 1.98 लाख रुपये मिले और दूसरा बैंक आफ इंडिया में अमन कुमार का था, जिसमें 98 हजार रुपये मिले। दोनों खातों से जुड़े मोबाइल नंबर एक ही डिवाइस से चल रहे थे। अपराध के समय लोकेशन इस्माइलपुर फरीदाबाद में मिली। इसके बाद पुलिस ने कन्नौज के दीपारी गांव में छापा मार आरोपित अंकित को पकड़ लिया। उसने बताया कि वह मोहम्मद नूर आलम के लिए काम करता था, जो साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते एकत्र करता था और ठगी करता था ।
ठगों ने आठ दिन में ट्रांसफर कराए थे 15.31 लाख
ठगी के शिकार हुए वीके पुरी ने आठ दिन में 15.31 लाख रुपये आरोपितों के खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। पुरी ने 19 जनवरी को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि आठ जनवरी को उनके पास एक महिला की काल आई, जिसने खुद को टेलीकाम कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उसके आधार कार्ड से जारी किया गया मोबाइल नंबर बेंगलुरु में गैर-कानूनी गेमिंग एक्टिविटी के लिए इस्तेमाल हो रहा है। फिर उसे वीडियो काल के जरिये एक ऐसे व्यक्ति से जोड़ा गया, जो खुद को इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन, बेंगलुरु का सब इंस्पेक्टर बता रहा था।