मानसून बीता, अब जिला प्रशासन को याद आया जल संचयन, RWA के साथ की बैठक
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 05:57 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): मानसून में हुई बारिश के दौरान जहां एक तरफ पूरा गुड़गांव जलमग्न नजर आया वहीं, इस पानी का उपयोग भूजल स्तर बढ़ाने में भी प्रशासन नहीं कर पाया। यही कारण है कि वर्षा जल बेकार ही नाले में बह गया। मानसून बीतने के बाद अब जिला प्रशासन को जल संचयन की बात याद आई और आनन फानन में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व सोसाइटी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की ताकि भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके।
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जिला उपायुक्त अजय कुमार ने लघु सचिवालय में विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) एवं भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी अजय कुमार ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में जिन भवनों की छत का क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक है, वहां वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य है। इसी प्रकार 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े भूखंडों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज़ और सभी प्रकार की इमारतों में भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है ताकि जिले में गिरते जलस्तर को रोका जा सके।
डीसी ने स्पष्ट किया कि जहां-जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं, वहां जीएमडीए, नगर निगम तथा अन्य संबंधित एजेंसियां सहयोग करेंगी। ये एजेंसियां निरीक्षण कर संबंधित आरडब्ल्यूए को आवश्यक सुझाव देंगी ताकि इन प्रणालियों को पुनः संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
डीसी ने जिला के नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा कि गुरुग्राम शहर और उसके आस-पास के क्षेत्र में भूजल संसाधन को और कम होने से बचाने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाओं के समुचित कार्य को सुनिश्चित करना आवश्यक है, जिसमें रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल जल को बचाने के लिए सभी जिले वासियों को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।
डीसी ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के दौरान इन प्रणालियों को इस तरह बनाया जाए कि केवल स्वच्छ वर्षा जल ही संग्रहित और उपयोग हो सके तथा दूषित या अपशिष्ट जल इसमें प्रवेश न कर पाए। बैठक में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने भी सक्रियता दिखाई और आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
आपको बता दें कि गुड़गांव नगर निगम क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए करीब 120 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए हैं। करीब पांच साल पहले नगर निगम की तरफ से इन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के नाम पर प्रत्येक हार्वेस्टिंग सिस्टम पर 20 हजार रुपए खर्च किए जाने का दावा किया गया था ताकि बंद हो चुके इन सिस्टम को पुन: चालू किया जा सके, लेकिन यह सब दिखावा रहा। ज्यादातर हार्वेस्टिंग सिस्टम को पूरी तरह से मिट्टी के नीचे दबाकर उनका अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया। इसका जीता जागता उदाहरण सेक्टर-15 पार्ट-2 के कम्युनिटी सेंटर में देखन को मिल जाता है। हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई के नाम पर हुए गड़बड़ झाले की जब जांच का समय आया तो निगम अधिकारियों ने दोबारा सफाई कराने की बात कहकर फाइल को दबा दिया, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। अब आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर जिला प्रशासन मानसून बीतने के बाद जल संचयन को लेकर बैठक कर रहा है। ऐसे में साफ है कि गुड़गांव के विकास का कार्य केवल फाइलों तक ही सीमित है।