हरियाणा: नौकरियों में 75% आरक्षण के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती, इंडस्ट्रीज कर सकती हैं पलायन

11/25/2021 11:53:56 PM

गुरुग्राम (मोहित): हरियाणा में प्राइवेट औद्योगिक इकाइयों की नौकरियों में हरियाणा के मूल निवासियों को 75 फीसदी आरक्षण देने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। गुडग़ांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने कानून को खारिज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 

गुरुग्राम के इंडस्ट्रियलिस्टों की मानें तो यह कानून इंडस्ट्रीज को दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर करेगा। इस कानून से इंडस्ट्रीज को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, जिससे अब हरियाणा में औद्योगिक इकाई चलाना बेहद मुश्किल हो जाएगा और अगर सरकार इस कानून को रद्द नहीं करती है तो वह अपनी इंडस्ट्रीज को राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे।

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दरअसल, जब से 75 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण के कानून का ड्राफ्ट तैयार हुआ था तभी से तमाम इंडस्ट्रीज सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही थी लेकिन उसके बावजूद यह कानून बनाया गया। जिसके बाद इंडस्ट्रियलिस्ट का कहना है कि आरक्षण योग्यता के आधार पर  होना चाहिए ना कि इलाके के आधार पर, क्योंकि निजी क्षेत्र की नौकरियां पूरी तरह से योग्यता व कौशल पर आधारित होती है।

इस कानून से औद्योगिक इकाइयों में दादागिरी और झगड़े बढऩे की संभावना हो जाती है। इंडस्ट्रलिस्ट का कहना है कि जो घटना सालों पहले मारुति के प्लांट में घटी थी ऐसे कानून से ऐसी घटना अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी घट सकती है। ऐसे में सरकार को यह कानून रदद् करना चाहिए नहीं तो मजबूरन इंडस्ट्रीज को यहां से पलायन करना पड़ेगा। जिससे जो रोजगार मिल रहा है वह भी खत्म हो जाएगा।
 

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Content Writer

Shivam

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