डॉ. अर्चना गुप्ता की प्रेरणादायक पहल,मृत्यु के बाद अंगदान करने का लिया संकल्प...समाज से की आगे आने की अपील
punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 12:03 PM (IST)
चंडीगढ़( चंद्र शेखर धरणी): मृत्यु के बाद भी दूसरों को नया जीवन देने के संकल्प के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अंगदान के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने सबसे पहले स्वयं निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कर अपने शरीर के अंगदान का संकल्प लिया और समाज के सामने सेवा, संवेदनशीलता तथा मानवीय सरोकारों की मिसाल पेश की। उनका यह कदम अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत हितैषी फाउंडेशन, पंचकूला की ओर से आयोजित देहदान-अंगदान सम्मान समारोह में डॉ. अर्चना गुप्ता ने अंगदान को मानवता की सेवा का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंगदान के लिए पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कराया। अपने इस कदम के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए। जब जनप्रतिनिधि किसी सामाजिक अभियान से व्यक्तिगत रूप से जुड़ते हैं, तो आम नागरिकों को भी उससे प्रेरणा मिलती है।
समारोह के दौरान हितैषी फाउंडेशन ने डॉ. अर्चना गुप्ता से अंगदान जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया। फाउंडेशन के अनुरोध पर उन्होंने इसकी ब्रांड एंबेसडर बनना स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान की मुहिम को हरियाणा के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस पहल से प्रदेश में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हर जिले में गठित हो अभियान की टीम
डॉ. अर्चना गुप्ता ने अंगदान जागरूकता अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए हर जिले में अभियान की टीम गठित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और जागरूक नागरिकों को इस मुहिम से जोड़कर अंगदान के महत्व को घर-घर तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए केवल कार्यक्रम आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों की भ्रांतियों को दूर करने, उन्हें सही जानकारी देने और अंगदान की निर्धारित प्रक्रिया से अवगत कराने की भी आवश्यकता है। उन्होंने नमो सेवा पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उनका मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंच बनाकर सामाजिक सेवा के ऐसे अभियानों को व्यापक जनसमर्थन दिलाया जा सकता है। युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की भागीदारी इस दिशा में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।

अंगदान से किसी परिवार को मिल सकती है नई उम्मीद
समारोह में अंगदान के महत्व को रेखांकित करते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि अंगदान का संकल्प किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे अनेक मरीजों के लिए समय पर अंग प्रत्यारोपण जीवन बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। ऐसे में अंगदान के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को निर्धारित चिकित्सा एवं कानूनी प्रक्रियाओं की सही जानकारी देना जरूरी है।
अंगदान को लेकर समाज में प्रचलित आशंकाओं और गलत धारणाओं को दूर करने में जागरूकता कार्यक्रम अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस उद्देश्य से सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा स्वयं पंजीकरण कर अभियान से जुड़ने का निर्णय भी इसी दिशा में एक प्रेरक संदेश के रूप में सामने आया।
देहदान-अंगदान करने वाले परिवारों का सम्मान
हितैषी फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। उनके सेवा भाव और मानवीय योगदान की सराहना करते हुए समाज के लिए उनके प्रयासों को प्रेरणादायक बताया गया। ऐसे परिवारों का सम्मान करना उन लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने मानवता की सेवा को व्यक्तिगत और पारिवारिक संकल्प का हिस्सा बनाया है।
समारोह का उद्देश्य अंगदान और देहदान के प्रति सामाजिक सोच को सकारात्मक बनाना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर अंगदान को केवल व्यक्तिगत निर्णय के रूप में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के अवसर के रूप में देखने का संदेश दिया गया।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने अभियान की ब्रांड एंबेसडर की जिम्मेदारी स्वीकार कर प्रदेशभर में जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता जताई। उनके स्वयं पंजीकरण कराने, प्रत्येक जिले में अभियान की टीम बनाने का आह्वान करने और नमो सेवा पोर्टल के माध्यम से लोगों को जोड़ने की अपील से अंगदान की मुहिम को संस्थागत रूप देने की दिशा में पहल सामने आई है।
अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं, चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह और सामाजिक संगठनों की भागीदारी के साथ अभियान को आगे बढ़ाना जरूरी है। यदि अधिक लोग इस विषय को समझकर स्वेच्छा से निर्धारित प्रक्रिया के तहत संकल्प लें, तो जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों के लिए आशा की नई किरण पैदा हो सकती है। पंचकूला में आयोजित यह समारोह इसी मानवीय सोच को आगे बढ़ाने का संदेश देता है।