फरीदाबाद में सुबह तड़के ED की दस्तक...ITC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही टीम
punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 03:07 PM (IST)
फरीदाबाद (अनिल राठी) : फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को फरीदाबाद समेत तीन शहरों में तलाशी अभियान चलाया। ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीमों ने फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में कुल नौ ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाही मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
सेक्टर-15 और सेक्टर-8 में पहुंची टीम
फरीदाबाद में सेक्टर-15 और सेक्टर-8 स्थित एक्सपोर्ट कारोबारियों के घरों पर भी ईडी की टीम पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेक्टर-15 के एक मकान नंबर 972 में रहने वाले नमन अग्रवाल, सेक्टर 8 के मकान नंबर 389 में रहने वाले विनोद अग्रवाल के घर पर छापेमारी की गई है। हालांकि, ईडी की ओर से इन घरों से बरामदगी या कार्रवाई की अलग-अलग जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुबह 6 बजे से ही ED की टीम सर्च अभियान चला रही है।
जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स से जुड़ा है मामला
ईडी की जांच मेसर्स जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क को लेकर है। एजेंसी के मुताबिक, फर्जी इनवॉयस और ई-वे बिल तैयार कर बिना वास्तविक माल की आवाजाही के आईटीसी हासिल करने और उसे आगे दूसरी इकाइयों को पास करने का आरोप है।
9.63 करोड़ का आईटीसी गलत तरीके से लेने का आरोप
जांच में GST अधिकारियों के स्तर पर 9.63 करोड़ रुपये के आईटीसी का कथित तौर पर गलत तरीके से लाभ लेने की बात सामने आई है। वहीं, 10.28 करोड़ रुपये के आईटीसी को आगे पास किए जाने की भी जानकारी जांच एजेंसी ने दी है। ईडी के अनुसार इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।
फर्जी कंपनियों के जरिए रकम घुमाने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार कथित नेटवर्क में कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। इनके जरिए सर्कुलर लेन-देन, रकम की लेयरिंग और नकद निकासी किए जाने की बात सामने आई है। अब ईडी इन लेन-देन की कड़ियां जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर पैसा किन लोगों और कंपनियों तक पहुंचा।
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही टीम
ईडी की तलाशी का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित रकम की मनी ट्रेल का पता लगाना, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्य जुटाना है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आ सकती है।
कार्रवाई के बाद आगे की जांच जारी
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है। सोमवार की तलाशी के संबंध में गिरफ्तारी या किसी विशेष बरामदगी की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है।
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