बाबा का भेष भी न बचा सका...पुलिस ने सुलझाई 2 साल पुरानी ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, दोनों आरोपी गिरफ्तार

punjabkesari.in Tuesday, Jun 16, 2026 - 08:27 PM (IST)

चरखी दादरी (पुनीत) : गांव रासीवास में करीब सवा दो साल पहले हुए गांव के ही संजय के ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने रासीवास निवासी संजय उर्फ संजू और गांव सिलाना (झज्जर) निवासी जितेंद्र उर्फ ढिल्लू काे गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो डंडे, एक कुल्हाड़ी व स्कूटी बरामद की है। 

आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि संजय शराब पीने का आदी था और वह छोटे-मोटे सामान की चोरी करता था तथा शराब पीकर गाली-गलौच करता था। इसी से परेशान होकर आरोपियों ने कुल्हाड़ी, डंडों से हमला कर उसे मौत के घाट उतारा था और सुबूत छिपाने के लिए शव को स्कूटी पर ले जाकर जोहड़ में डालकर उस पर पत्थर रख दिए थे।

दादरी के डीएसपी कप्तान सिंह ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि आठ फरवरी 2024 को गांव रासीवास निवासी भतेरी ने अपने बेटे संजय के लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान 25 फरवरी 2024 को पुलिस को सूचना मिली कि गांव रासीवास स्थित गांगलीदास मंदिर के समीप मानव खोपड़ी व अन्य अस्थियां पड़ी हुई हैं। टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बरामद अवशेषों की पहचान रासीवास निवासी गुमशुदा युवक संजय के रूप में हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी में गुमशुदगी के साथ हत्या एवं साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं। 26 फरवरी 2024 को शव के अवशेषों का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाया गया।

डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि मामले की जांच के दौरान स्पेशल स्टाफ इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सतीश कादयान ने गत 11 जून को गांव रासीवास निवासी आरोपी संजय उर्फ संजू को गांव रासीवास से ही गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर दो डंडे तथा स्कूटी बरामद की। 12 जून को दूसरे आरोपी जितेंद्र उर्फ ढिल्लू को झज्जर के सिलानी बाईपास से गिरफ्तार किया। आरोपी जितेंद्र की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की गई।

पहचान छिपाने के लिए बाबा बनकर रहने लगा था जितेंद्र 
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी संजय उर्फ संजू की गांव में ही डेयरी है। आरोपी जितेंद्र उसकी डेयरी पर काम करता था। वारदात के बाद संजय उर्फ संजू तो गांव में ही रहकर सामान्य व्यवहार करता था। आरोपी जितेंद्र पहचान छिपाने के लिए बाबा बनकर रहने लगा और कभी-कभार ही घर आता था। डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वारदात का सीन भी री-क्रिएट किया गया।    

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Content Editor

Krishan Rana

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