हरियाणा में एक्सटेंशन-गेस्ट लेक्चरर्स को मिलेगी सेवा सुरक्षा, सरकार ने जारी किए ड्राफ्ट नियम
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 05:18 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार ने सरकारी कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स को सेवा सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग ने हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एवं गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) नियम, 2026 का ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया है। इन नियमों के लागू होने के बाद पात्र लेक्चरर्स की सेवा शर्तें, वेतन, अवकाश, स्थानांतरण और आचरण संबंधी प्रावधान स्पष्ट हो जाएंगे। विभाग ने ड्राफ्ट पर आम जनता और संबंधित हितधारकों से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, वे एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स, जिन्होंने सरकारी कॉलेजों में कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी की है तथा प्रत्येक वर्ष 240 दिन का मानदेय प्राप्त किया है, उन्हें सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार एकसमर्पित ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित करेगी, जहां पात्र लेक्चरर्स अपनी जानकारी अपलोड करेंगे। संबंधित कॉलेज के प्राचार्य और डीडीओ द्वारा सत्यापन के बाद उन्हें सेवा सुरक्षा का दर्जा दिया जाएगा।
ड्राफ्ट में ऐसे कर्मचारियों के री-एडजस्टमेंट का भी प्रावधान किया गया है जो किसी कॉलेज में सरप्लस हो जाते हैं। यदि किसी विषय में आवश्यकता से अधिक सुरक्षित कर्मचारी हैं, तो उनकी सूची निदेशालय को भेजी जाएगी और उन्हें आवश्यकता वाले दूसरे सरकारी कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा।
महिला कर्मचारियों को विवाह के बाद दूसरे जिले में समायोजन के लिए आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इसी तरह गंभीर या पुरानी बीमारी से पीड़ित कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रमाण-पत्र के आधार पर स्थानांतरण का अनुरोध कर सकेंगे। पारिवारिक परिस्थितियों या जीवनसाथी की मृत्यु जैसे मामलों में भी री-एडजस्टमेंट का प्रावधान रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर निदेशालय स्वयं भी किसी सुरक्षित कर्मचारी को दूसरे सरकारी कॉलेज में तैनात कर सकेगा।
ड्राफ्ट नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों को 57,700 रुपये मासिक वेतन, हर वर्ष 2 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित महंगाई भत्ता (डीए) देने का प्रस्ताव है। महिला कर्मचारियों को छह माह का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश मिलेगा।
इसके अलावा यदि किसी कर्मचारी को पागल जानवर काट लेता है तो एंटी-रेबीज उपचार के लिए अधिकतम पांच दिन का विशेष आकस्मिक अवकाश भी दिया जा सकेगा, जिसके लिए अधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा।
ड्राफ्ट नियमों में कर्मचारियों के आचरण से जुड़े विस्तृत प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। इनमें राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने, हड़ताल करने, सरकारी कार्यों की अनुचित आलोचना करने या निजी व्यापार एवं अन्य नौकरी करने पर प्रतिबंध का प्रावधान रखा गया है। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि निर्धारित अवधि में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।