सिंघू और टीकरी बॉर्डर से अभी नहीं जा रहे किसान

12/5/2021 11:53:28 AM

सोनीपत: सिंघू बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर शनिवार को आंदोलनकारियों को उम्मीद थी कि उनकी घर वापसी हो सकती है। दूसरी तरफ दुकानदार और स्थानीय लोग थे जिनको आस थी कि आज किसान आंदोलन खत्म करके चले जाएंगे, जिससे सामान्य जिंदगी दोबारा से शुरू हो सके। लेकिन शाम तक जब किसान गए नहीं और लोगों के लिए रास्ता नहीं खुला तो स्थानीय लोगों को निराशा हाथ लगी। किसानों ने कहा की कमेटी नहीं एमएसपी पर लिखित में कानून चाहिए। जब तक लिखित में उनको सरकार नही देती, वह यहां से हिलने वाले नहीं हैं। 

किसानों का कहना था कि रास्ता हमने नहीं, हरियाणा, यूपी और दिल्ली पुलिस ने रोक रखा है। प्रधानमंत्री के दिल में अगर किसानों के प्रति सही में दया भावना है तो वो जैसे तीन कृषि कानून को वापस लिया है। उसी तरह से एमएसपी, बिजली, प्रदूषण बिल को भी वापस लें। साथ ही शहीद किसानों के परिवार वालों को भी मुआवजा दे दे। इन सभी बातों को अगर सरकार में लेती है, तो फिर हमारी घर वापसी तय है वरना किसान पैदा खेत में होता है मरता भी खेत में ही है। हम आंदोलन का समय तय करके घर से नहीं निकले थे। अब सरकार को देखना है कि वो घर वापसी कब हमारी शर्तों पर करवाती है। 

दिल्ली पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव कमेटी के सदस्य राजीव जैन ने बताया कि उम्मीद थी कि शनिवार को रास्ते खुल जाएंगे, अब सात दिसम्बर का इंतजार है। एक-एक दिन गिन-गिन कर काट रहे हैं। 12 महीने से सिंघू व टीकरी बार्डर के 11 पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। बंद पड़े पेट्रोल पंपों का भी हर महीने चार से पांच लाख रुपए महीने का खर्चा (बिजली, ईएमआई, कर्मचारियों का वेतन आदि) है। 11 पंपों पर पहले 400 लोग काम करते थे। 350 लोग अब रास्ते बंद होने की वजह से घर बैठे हैं। 

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Content Writer

Isha