कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा पर खुश हुए किसान, नाचकर मनाया जीत का जशन

punjabkesari.in Friday, Nov 19, 2021 - 03:02 PM (IST)

रोहतक (दीपक भारद्वाज) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरू पर्व के पावन मौके पर तीनों कृषि कानून वापिस लेने की घोषणा कर दी है। कृषि कानूनों की वापसी होने की घोषणा पर किसान खुश हैं। किसानों ने मिठाई बांटकर और ढोल की थाप पर नाच गाकर खुशियां मनाई है। टिकरी बॉर्डर पर गुरू पर्व के मौके पर पावन ग्रंथ साहिब का पाठ भी किया गया। गुरू पर्व का प्रसाद भी बांटा गया। किसानों का कहना है कि कानून वापसी की घोषणा से वह बहुत खुश हैं लेकिन घर वापिस नहीं जाएंगे। घर वापिस तब जाएंगे जब संसद में काननू रद्ध हो जाएंगे और एमएसपी पर कानून बन जाएगा।

आंदोलनकारी किसान ने बताया कि 26 और 27 नवम्बर को दिल्ली के सिंधु और टिकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना शुरू हो गया था। तीन कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए आंदोलन में आज किसानों की जीत हुई है। देशवासियों से माफी मांगने के सम्बोधन के साथ जैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने की बात कही तो किसानों के चेहरे खिल उठे। जिन चेहरों पर मायूसी छाने लगी थी , उन चेहरों की हंसी लौट आई। बुर्जुगों के चेहरे पर छाई झुर्रियों से खुशी का ठकाहा फूट पड़ा। युवा और बुजुर्गाें के पैर भी थिरकने लगे। नाच गाकर और मिठाईयां बांटकर खुशियां मनाई गई। 

किसान ने बताया कि टिकरी बॉर्डर पर दो जगहों पर किसानों की स्टेज लगती आई है। बहादुरगढ़ बाईपास पर नया गांव चौक के पास और दूसरी टिकरी बॉर्डर पर। दोनों जगहों पर किसान खुश है। किसानों का कहना है कि संयुक्त मोर्चा के साथ बैठकर सरकार लिखित में कानून वापिस ले और एमएसपी पर कानून बनाए तो पूरी खुशी होगी लेकिन तब तक खुशी आधी अधूरी ही रहेगी। किसान की शहादत और किसान के शांतिपूर्ण संघर्ष से मिली जीत की खुशी भी जरूर है। हालांकि कुछ किसान प्रधानमंत्री के इस फैसले को पंजाब और उत्तरप्रदेश के चुनावों से जोड़कर भी देख रहे हैं। लेकिन ज्यादातर किसान खुश हैं और प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी करते हैं।

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Content Writer

Manisha rana

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