हरियाणा में इन लोगों का बढ़ेगा वित्तीय अधिकार, अब 10 लाख तक के बिल खुद कर सकेंगे पास

punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 07:41 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक कुशल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों (Civil Surgeons) की वित्तीय शक्तियों (Financial Powers) को बढ़ाने का निर्देश दिया है। नए आदेशों के तहत अब सिविल सर्जन 1 लाख रुपये की बजाय सीधे 10 लाख रुपये तक के बिल पास कर सकेंगे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर प्रशासनिक और वित्तीय बाधाओं को दूर करना है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज और सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यालय के चक्करों से मिलेगी मुक्ति
अब तक सिविल सर्जनों के पास केवल 1 लाख रुपये तक के खर्चों को मंजूरी देने का अधिकार था। अस्पताल में किसी बड़ी मशीन की मरम्मत, नए उपकरणों की खरीद या आकस्मिक व्यवस्थाओं के लिए यदि इससे अधिक बजट की आवश्यकता होती थी, तो फाइल मंजूरी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाती थी। इस प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता था और अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित होती थीं। अब वित्तीय सीमा बढ़कर 10 लाख रुपये होने से स्थानीय स्तर पर ही फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।

अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर जोर
राज्य सरकार इस समय जिला अस्पतालों की सूरत बदलने और उन्हें हाई-टेक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इस निर्णय से अस्पतालों के आधुनिकीकरण में तेजी आएगी। सरकार ने जिला स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्तन कैंसर (Breast Cancer) की जांच के लिए मैमोग्राफी मशीनें (Mammography Machines) स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।

रख-रखाव होगा आसान
अस्पतालों की स्थानीय कमियों, मरम्मत कार्यों और दवाओं व उपकरणों की तात्कालिक खरीद को अब सिविल सर्जन बिना किसी देरी के अपने स्तर पर निपटा सकेंगे। इस प्रशासनिक सुधार का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। मशीनों के खराब होने पर अब उनके हफ्तों तक बंद रहने की नौबत नहीं आएगी, क्योंकि सिविल सर्जन तुरंत फंड जारी कर उन्हें ठीक करवा सकेंगे। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा और सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा।


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Content Writer

Isha

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