विधानसभा के मानसून सत्र के CM सैनी ने पहले दिन बाबा साहेब को किया नमन ,बोले- करोड़ों लोगों को सिर उठाकर जीना सिखाया
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 01:00 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा परिसर में प्रवेश से पहले संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब की प्रतिमा के चरणों में पुष्प अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक न्याय के लिए किए गए योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महान संविधानविद् ही नहीं, बल्कि करोड़ों वंचित और शोषित लोगों के लिए सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की आवाज थे। उनके विचार आज भी देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक जीवन को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
‘जिसने करोड़ों लोगों को सिर उठाकर जीना सिखाया’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि “सिर झुकता है उस महान विचार के आगे, जिसने करोड़ों लोगों को सिर उठाकर जीना सिखाया।” मुख्यमंत्री के इस संदेश में डॉ. अंबेडकर के संघर्ष और उनके विचारों के प्रति सम्मान स्पष्ट नजर आया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को अधिकारों के प्रति जागरूक किया और समानता तथा न्याय की मजबूत नींव रखी।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले संविधान निर्माता को नमन करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक माना गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है।
विधानसभा सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर रहेगा जोर
मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सरकार की ओर से जहां प्रदेश के विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा, वहीं विपक्ष विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा पहुंचने से पहले बाबा साहेब को नमन कर यह संदेश भी दिया कि लोकतंत्र की मजबूती संविधान के मूल्यों के सम्मान और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही संभव है। डॉ. अंबेडकर के समानता, सामाजिक न्याय और अधिकारों के विचार आज भी शासन और जनसेवा के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बने हुए हैं।