हरियाणा के लाखों फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत! अब बिल्डर नहीं, सीधे बिजली निगम देगा व्यक्तिगत कनेक्शन
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 01:44 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा सरकार महानगरों की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लाखों परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार अब बिल्डरों के नाम पर चल रहे सामूहिक बिजली कनेक्शनों की वर्षों पुरानी व्यवस्था को समाप्त करने जा रही है। इसके स्थान पर प्रत्येक फ्लैट मालिक को सीधे बिजली निगम से व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में नई नीति का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत सहित कई महानगरों की निजी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में मुख्य बिजली कनेक्शन बिल्डर या डेवलपर के नाम पर होता है। पूरी सोसायटी उसी सामूहिक कनेक्शन के माध्यम से बिजली प्राप्त करती है। ऐसे में यदि बिल्डर बिजली निगम का बकाया नहीं चुकाता, वित्तीय संकट में फंस जाता है या परियोजना छोड़ देता है, तो उसका सीधा असर वहां रहने वाले हजारों परिवारों पर पड़ता है। कई बार नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वाले फ्लैट मालिकों को भी बिजली आपूर्ति बाधित होने और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद बनी नई नीति
पिछले कुछ समय में प्रदेश की कई सोसायटियों के निवासियों ने व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन देने की मांग उठाई थी। कई मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद फ्लैट मालिकों को अलग-अलग बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। हालांकि प्रत्येक मामले में अलग-अलग निर्णय लेने के बजाय अब सरकार पूरे प्रदेश के लिए एक समान और स्पष्ट नीति लागू करने जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी सोसायटी के निवासियों को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
नीति में तय होंगे स्पष्ट नियम और प्रक्रिया
ऊर्जा विभाग को नई नीति का विस्तृत मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह निर्धारित किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में बिल्डर के नाम चल रहे सामूहिक बिजली कनेक्शन को व्यक्तिगत कनेक्शनों में बदला जाएगा, इसके लिए क्या शर्तें होंगी तथा बिजली निगम की जिम्मेदारियां किस प्रकार तय की जाएंगी। नीति लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में एक समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
उपभोक्ताओं को मिलेंगे कई महत्वपूर्ण लाभ
नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक फ्लैट मालिक का बिजली कनेक्शन सीधे बिजली निगम के नाम से जारी होगा और उसी के नाम पर अलग बिजली बिल मिलेगा। बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान भी सीधे बिजली निगम करेगा। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यदि कोई बिल्डर डिफॉल्टर घोषित होता है, दिवालिया हो जाता है या किसी कानूनी विवाद में फंसता है, तो उसका असर सोसायटी में रहने वाले लोगों की बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं के अधिकार मजबूत होंगे और उन्हें निर्बाध एवं पारदर्शी बिजली सेवाएं मिल सकेंगी।