हिमाचल के पूर्व सीएम ने आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना, बोले- नेतृत्व पर भरोसा खत्म, इसलिए टूट रही है पार्टी

punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 09:03 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पंजाब केसरी प्रतिनिधि चन्द्र शेखर धरणी से विशेष बातचीत में पंजाब की राजनीति, मीडिया पर कार्रवाई, आम आदमी पार्टी की स्थिति और आगामी चुनावों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विशेष रूप से पंजाब केसरी समूह पर हुई कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आम आदमी पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े किए।

मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, उसे कमजोर करना दुर्भाग्यपूर्ण

जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है और इसकी स्वतंत्रता को बनाए रखना हर सरकार और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को आलोचना से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसे आत्ममंथन का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब भी मीडिया में उनके पक्ष में हर दिन खबरें नहीं छपती थीं, लेकिन उन्होंने इसे नकारात्मक रूप में नहीं लिया बल्कि उससे सीख लेकर अपने कार्यों में सुधार किया।

पंजाब केसरी समूह पर की गई कार्रवाई को उन्होंने “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए कहा कि यह कदम दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी अपनी आलोचना से असहज हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब केसरी समूह का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है और इस समूह ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे संस्थान पर कार्रवाई करना न केवल मीडिया बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका राजनीतिक खामियाजा आम आदमी पार्टी को जरूर भुगतना पड़ेगा।

आम आदमी पार्टी में असंतोष, नेतृत्व पर उठे सवाल

राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर जयराम ठाकुर ने कहा कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि लंबे समय से चल रही असंतोष की प्रक्रिया का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेतृत्व पर लगातार सवाल उठ रहे थे और जिन मुद्दों को लेकर पार्टी बनी थी, उनसे अब उसका कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल का मूल उद्देश्य कमजोर हो जाता है, तो उसका पतन निश्चित हो जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक साथ सात सांसदों का पार्टी छोड़ना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी के भीतर गंभीर संकट है। जयराम ठाकुर के अनुसार, इन सांसदों ने मजबूत नेतृत्व को चुना है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।

ऑपरेशन लोटस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल विपक्ष का आरोप है, जबकि वास्तविकता यह है कि सांसद लंबे समय से पार्टी के अंदर घुटन महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता नहीं मिलती, तो वह विकल्प तलाशता है और यही यहां हुआ है।

पंजाब और अन्य राज्यों में भाजपा की संभावनाओं पर बड़ा दावा

पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वहां की परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार अब ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है और जनता का विश्वास उससे हट रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। उनके अनुसार, आगामी चुनावों में भाजपा मजबूत स्थिति में उभरेगी और सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यदि आज चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस 10 सीटों तक सिमट जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया, जिसके कारण जनता में भारी नाराजगी है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में मंत्री और विधायक अपने क्षेत्रों में जाने से बच रहे हैं क्योंकि जनता उनसे सवाल पूछ रही है और उनके पास जवाब नहीं है।

आर्थिक स्थिति और केंद्र की भूमिका पर प्रतिक्रिया

हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में हालात चिंताजनक हैं और सुधार के लिए बड़े और साहसिक फैसलों की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार केवल समय बिताने में लगी हुई है और उसके पास कोई ठोस योजना नहीं है।
केंद्र सरकार से सहयोग नहीं मिलने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि राज्य में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, वे केंद्र सरकार के सहयोग से ही संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सड़क, जल और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में वित्तीय सहायता दी जा रही है।

महिला आरक्षण और जनजागरण अभियान

महिला आरक्षण बिल को लेकर जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है और जो लोग इसका विरोध करेंगे, उन्हें जनता जवाब देगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की संख्या देश की कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा है और वे अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जयराम ठाकुर के इस साक्षात्कार में जहां एक ओर मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की नीतियों और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए गए। पंजाब केसरी समूह पर हुई कार्रवाई को उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए इसे राजनीतिक असुरक्षा का संकेत माना। साथ ही, उन्होंने आगामी चुनावों में भाजपा की मजबूत स्थिति का दावा करते हुए यह संकेत दिया कि आने वाले समय में देश और राज्यों की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


कर्मचारियों के वेतन और डीए देने में असमर्थता का आरोप

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति को बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ‘आर्थिक आपातकाल’ जैसे हालात बन गए हैं।
पंजाब केसरी से विशेष बातचीत में जयराम ठाकुर ने न सिर्फ राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए, बल्कि मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली, चुनावी वादों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

जयराम ठाकुर ने कहा देखिए, यह कोई राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि जमीनी सच्चाई है। प्रदेश की आर्थिक हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। आज स्थिति यह है कि सरकार के पास कर्मचारियों को समय पर वेतन देने तक के संसाधन नहीं हैं। विधायकों और मंत्रियों के वेतन का हिस्सा तक टालना पड़ रहा है। डीए (महंगाई भत्ता) देने की क्षमता भी सरकार में नहीं बची है। यह अपने आप में एक गंभीर संकेत है कि राज्य की वित्तीय स्थिति किस हद तक खराब हो चुकी है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि  बिल्कुल स्पष्ट आंकड़े हैं। जब हमारी सरकार थी, तब प्रदेश पर कर्ज करीब 69 हजार करोड़ रुपये के आसपास था। आज यह बढ़कर लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर बोझ है। अगर इसी तरह कर्ज बढ़ता रहा और विकास कार्य ठप रहे, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा।जमीनी स्तर पर जाकर देखिए, सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। सरकार की अपनी कोई ठोस योजना धरातल पर नजर नहीं आती। अगर आज हिमाचल में विकास की कोई उम्मीद बची है, तो वह सिर्फ केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण है। राज्य सरकार की योजनाएं या तो बंद पड़ी हैं या पूरी तरह से धीमी हो चुकी हैं।
   
  जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े-बड़े वादे किए थे। हर वर्ग को कुछ न कुछ गारंटी दी गई थी। लेकिन आज हकीकत यह है कि एक भी वादा पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में वादे पूरे नहीं हुए, लेकिन बाहर जाकर दूसरे राज्यों में यह दावा किया जा रहा है कि सभी गारंटियां पूरी कर दी गई हैं। यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है।जयराम ठाकुर: यह पूरी तरह से बेबुनियाद आरोप हैं। जो भी सांसद भाजपा में शामिल हुए हैं, उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर यह फैसला लिया है। वे लंबे समय से घुटन महसूस कर रहे थे। उन्हें लग रहा था कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। ऐसे में उन्होंने एक लोकतांत्रिक पार्टी का दामन थामा है, जहां उनकी बात सुनी जाती है।भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को समझती है और उसी आधार पर काम करती है।
      
जय राम ठाकुर ने राज्य सभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व सीएम भजन लाल पर दिए बयानों पर कहा कि सार्वजनिक जीवन में हम सभी को बहुत सोच-समझकर बोलना चाहिए। कई बार ‘स्लिप ऑफ टंग’ हो जाता है, यह मानवीय है। लेकिन अगर ऐसा होता है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए और आगे के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। लोकतंत्र में शालीनता और मर्यादा बहुत जरूरी है।

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Content Editor

Krishan Rana

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