अंकित बालियान हत्याकांड पर बोले गजेंद्र फोगाट- गन कल्चर के गानों ने छीना परिवार का सहारा, ऐसे गीत लिखने वालों पर हो FIR
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 03:35 PM (IST)
जींद (अमनदीप पिलानिया) : हरियाणा में हरियाणवी गीतों में बढ़ते गन कल्चर को लेकर हरियाणवी कलाकार एवं मुख्यमंत्री के ओएसडी (पब्लिसिटी) गजेंद्र फोगाट ने चिंता जताई है। खास बातचीत में उन्होंने कहा कि यह एक तरह की सांस्कृतिक बाढ़ है।
जब किसी वस्तु का बाजार बनता है तो बाढ़ में अच्छे पानी के साथ गंदा पानी भी आता है। उसी तरह कला के क्षेत्र में अच्छे कलाकारों के साथ कुछ ऐसे कलाकार भी आ जाते हैं, जो समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अच्छे पानी को देखें, गंदे पानी को नहीं।
गजेंद्र फोगाट ने कहा कि संगीत का भारतीय संस्कृति में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1857 से लेकर 1947 तक स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वीरों के गीत, भजन और देशभक्ति के गीत गाए जाते थे। इनके माध्यम से लोगों में जागरूकता पैदा हुई और क्रांति के बीज बोए गए। ऐसे में संगीत का इस्तेमाल समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए होना चाहिए।
अंकित बालियान की हत्या पर जताई चिंता
हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की हत्या का जिक्र करते हुए फोगाट ने कहा कि अंकित एक अच्छा और होनहार लड़का था। उन्होंने कहा कि गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गानों का असर समाज और युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक होनहार युवक की मौत ने उसकी पत्नी और पिता का सहारा छीन लिया।
फोगाट ने कहा कि कुछ लोग अभी भी गन कल्चर के खतरों को समझने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर इस पर रोक नहीं लगी तो इसका नुकसान समाज को उठाना पड़ेगा। उनके अनुसार, नए बच्चों को गन में ग्लोरी दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है।
‘ऐसी लेखनी करने वालों पर FIR होनी चाहिए’
गजेंद्र फोगाट ने कहा कि जो लोग गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गीत लिखते और गाते हैं, उनमें से कई को शायद यह भी पता नहीं होता कि वे किस तरह का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अपराध को बढ़ावा देने का मामला नहीं है, बल्कि संगीत के साथ भी अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की जरूरत है, जो अपनी लेखनी के जरिए युवाओं के बीच हथियारों और अपराध को ग्लोरिफाई करते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए मैक्सिको का जिक्र किया और कहा कि 1950 के दशक में वहां की स्थिति बेहतर थी, लेकिन बाद में पॉप कल्चर में गन और अपराध से जुड़े कंटेंट के बढ़ने के साथ युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि 1970 के बाद वहां नशे और अपराध में बढ़ोतरी देखने को मिली।
‘कलाकार का काम समाज को अच्छा संदेश देना’
कलाकारों को सुरक्षा दिए जाने के सवाल पर गजेंद्र फोगाट ने कहा कि कलाकार का काम कला को आकार देना और समाज को अच्छा संदेश देना है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कलाकारों को सुरक्षा की जरूरत होनी चाहिए। कलाकारों को अपनी कला के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दिखानी चाहिए।
AI से बनी सर छोटूराम फिल्म पर भी बोले फोगाट
AI की मदद से बनाई गई सर छोटूराम की फिल्म को लेकर गजेंद्र फोगाट ने टीम को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने AI के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह फिल्म AI के जरिए नहीं बनाई जाती तो करीब 200 लोगों को रोजगार मिल सकता था। उन्होंने कहा कि AI जहां तकनीकी रूप से नई संभावनाएं पैदा कर रहा है, वहीं इससे रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।
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