कचरे के ढेर से बढ़ी आफत, 6 हजार टन कचरा सड़कों पर जमा...दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ा... जानें क्या है वजह
punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 08:13 AM (IST)
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में नगर पालिकाओं और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल ने अब शहरी सफाई व्यवस्था के साथ-साथ सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। तीन दिन से जारी हड़ताल को कर्मचारियों ने अब 11 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि प्रदेशभर में करीब 50 हजार कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। हड़ताल के चलते शहरों में करीब छह हजार टन कचरा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो गया है। जगह-जगह कूड़े के ढेर और उनसे उठती दुर्गंध के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने सरकार पर 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक समझौते में शामिल मांगों को जमीन पर लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
13 मई के समझौते को लागू करने की मांग
नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार के साथ 13 मई को हुई वार्ता में कर्मचारियों की 22 में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद सहमत मांगों को लागू करने के संबंध में अपेक्षित आदेश जारी नहीं किए गए। सहमति वाली प्रमुख मांगों में कच्चे और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना, नगरपालिका रोल पर कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों को पक्का करना, अग्निशमन विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेना तथा सफाई और सीवर व्यवस्था में ठेका प्रथा समाप्त करना शामिल था।
इसके अलावा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ, वर्दी भत्ता तथा जोखिम भत्ता देने जैसी मांगों पर भी सहमति बनी थी।
फरीदाबाद अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को सहायता की मांग
कर्मचारी नेताओं ने फरीदाबाद अग्निकांड में मारे गए कर्मचारी भवीचंद और रणबीर के आश्रितों के लिए 50-50 लाख रुपये आर्थिक सहायता और नियमित नौकरी देने की मांग भी दोहराई है।
इसके साथ ही सफाई और सीवर कर्मचारियों के नए पद सृजित कर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग की जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों पर भी सरकार की ओर से सहमति जताई गई थी, लेकिन अभी तक ठोस आदेश जारी नहीं हुए हैं।
वीरु वाल्मीकि हत्याकांड को लेकर भी मोर्चा
कर्मचारी संगठन करनाल के वीरु वाल्मीकि हत्याकांड को लेकर भी आंदोलनरत हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, दोषियों की गिरफ्तारी, मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदेशभर में जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन
नगर पालिका और दमकल कर्मचारियों ने मंगलवार से प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की तीन दिवसीय हड़ताल का भी समर्थन किया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एकजुट समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा 10 अगस्त को ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में भी शामिल होने की घोषणा की गई है।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 13 मई के समझौते को अक्षरशः लागू करने की दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उधर, हड़ताल लंबी खिंचने से सबसे बड़ा असर शहरी सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। छह हजार टन कचरे के सड़कों पर जमा होने के दावे के बीच यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में सफाई, स्वास्थ्य और संक्रमण का संकट और गहरा सकता है।