नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में हरियाणा सबसे आगे, न्याय व्यवस्था में देशभर में प्रथम
punjabkesari.in Tuesday, Jun 16, 2026 - 01:23 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा में न्यायिक और पुलिस प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को बड़ी सफलता मिली है। अब सभी न्यायालय कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक समन जारी कर रहे हैं, जिससे कागजरहित न्याय व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। पुलिस और न्यायालय प्रणालियों के एकीकरण से नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्यस्तरीय बैठक में यह जानकारी दी गई। डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा 7 जून 2026 से राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर प्रथम स्थान पर है। केंद्र ने आईसीजेएस 2.0 को मजबूत करने के लिए 34 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा पुलिस नागरिक केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और हरसमय पोर्टल के माध्यम से राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रही है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निपटान किया गया, जिससे हरियाणा पुलिस राज्य के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक सेवा प्रदाता विभागों में शामिल हो गई है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी हितधारकों को इस गति को बनाए रखने, लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।
बैठक में आईसीजेएस 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर भी बल दिया गया। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा में आईसीजेएस 2.0 प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है, जो राज्य के डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है। डिजिटल पुलिसिंग को सशक्त बनाने तथा पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक साइंस प्रयोगशालाओं और न्यायालयों के बीच निर्बाध सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस सिस्टम, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, क्यूआर कोड रीडर एवं प्रिंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंड-प्वाइंट तथा एलईडी डिस्प्ले सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों की खरीद एवं तैनाती की जा रही है।
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक सुश्री नितिका गहलौत ने बताया कि कई महत्वपूर्ण हार्डवेयर उपकरण पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें फिंगरप्रिंट स्कैनर, टैबलेट आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति उपकरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैमरे शामिल हैं। अतिरिक्त उपकरणों की खरीद भी विभिन्न चरणों में जारी है। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सी.जी. रजनी कान्थन और हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक श्री जे. गणेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।