Haryana: इन 3 जिलों के किसानों को मिलेगा 85.5 करोड़ का मुआवजा, पढ़ें पूरी खबर

punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 08:39 PM (IST)

चंडीगढ़ : कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय तकनीकी सलाहकार समिति (CTAC) ने रबी 2023-24 की फसल कटाई प्रयोगों से जुड़े विवादों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। समिति ने बीमा कंपनी की अपील को खारिज करते हुए राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (STAC) के निर्णय को बरकरार रखा। इसके बाद प्रभावित किसानों को करीब 85.5 करोड़ रुपये मुआवजा देने का रास्ता साफ हो गया है।

पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि अब बीमा कंपनी को एक सप्ताह के भीतर भुगतान करना होगा। दरअसल, कंपनी ने भिवानी की 148, चरखी दादरी की 45 और नूंह की 38 बीमा इकाइयों में हुए कटाई प्रयोग (CCE) पर आपत्ति जताई थी। कंपनी का तर्क था कि कृषि विभाग की रिपोर्ट को बिना स्वतंत्र जांच मान लिया गया और तकनीकी प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ।

सरकार की ओर से जवाब में कहा गया कि फसल कटाई के समय कंपनी ने अधिकांश इकाइयों में को-विटनेस की भूमिका निभाई थी, लेकिन तब किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं की। आपत्तियां केवल तब सामने आईं जब उपज के आंकड़े घोषित किए गए। साथ ही, कंपनी समयसीमा पार करने के बाद ही अपील लेकर आई, जिसके कारण प्रक्रिया पर सवाल उठे।

दस्तावेजी जांच के बाद, सीटीएसी ने माना कि अपील में ठोस साक्ष्यों की कमी थी और तकनीकी रिपोर्ट भी अधूरी थी। समिति ने साफ कहा कि उपग्रह आधारित मॉडल जमीनी स्तर के कटाई प्रयोगों का विकल्प नहीं हो सकते। अंततः, समिति ने एसटीएसी का फैसला सही ठहराते हुए बीमा कंपनी को वास्तविक उपज आंकड़ों के आधार पर किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया।

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Content Writer

Yakeen Kumar

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