विजय दिवस: हरियाणा राज्यपाल ने युद्ध में शामिल रहे पूर्व सेना अधिकारियों को किया सम्मानित

punjabkesari.in Thursday, Dec 16, 2021 - 10:22 PM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी): सन् 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान के दांत खट्टे कर बांग्लादेश को आजाद करवाने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस को भारत कभी नहीं भूलेगा। यह बात हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने आज राजभवन में विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘‘एक शाम शहीदों के नाम’’ समारोह में कही। उन्होंने इस समारोह में 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व सेना अधिकारियों को सम्मानित किया।

हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने वीरवार को राजभवन में विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘‘एक शाम शहीदों के नाम’’ समारोह में 1971 के युद्ध में शामिल रहे पूर्व सेना अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। साथ ही देश में विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इन दोनों शुभ पर्वों की देश व प्रदेश की जनता को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि आज से 50 साल पहले भारतीय सेना ने फील्ड मार्शल जनरल सैम मानेकशाह के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना को मात्र 13 दिन के युद्ध में आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था और पाकिस्तान का गुरूर चूर-चूर किया था। 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तानी सेना के जनरल एएके नियाजी ने 93000 सैनिकों के साथ लैफिटनैंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने सरेंडर किया।

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राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी डिफेंस इंडस्ट्री का आधुनिकीकरण किया गया है। प्रधानमंत्री ने देश में पहली बार तीनों सेनाओं के समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित किया। इस पद पर पहली बार जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति की गई। जनरल रावत ने सेना के आधुनिकीकरण और सामरिक क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनरल रावत गत 8 दिसम्बर को हेलिकॉप्टर दुर्घटना में वीर गति को प्राप्त हुए।

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा में सैनिक, पूर्व सैनिक व उनके परिवारों के कल्याण के लिए अलग से विभाग का गठन किया है। विभाग के माध्यम अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। 60 वर्ष व इससे अधिक आयु के भूतपूर्व सैनिक व उनकी विरांगनाओं व भूतपूर्व सैनिकों के अनाथ बच्चों तथा 1962, 1965 व 1971 की युद्ध विधवाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 2016 से 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रूपयें मासिक की गई है। इस राशि में प्रति वर्ष हरियाणा दिवस के अवसर पर 400 रुपये की वृद्धि की जाती है। उन्होंने इन योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए विशेष रूप से मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी को बधाई दी।

विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी देश व प्रदेश की जनता को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय थल सेना में 10 प्रतिशत, वायु सेना में 12 प्रतिशत तथा नौसेना में 16 प्रतिशत जवान हरियाणा के हैं, इसलिए हरियाणा में ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी बनाने की आवश्यकता है। इस पर इस साल प्रभावी कार्य किया जाएगा।


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Content Writer

Shivam

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