हरियाणा पुलिस की बड़ी पहल, 1 लाख से ज्यादा साइबर ठगी होने पर अब स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो FIR, पीड़ितों को होगा तत्काल लाभ
punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 09:37 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में एक महत्वपूर्ण और नागरिक हितैषी कदम उठाते हुए ई-जीरो एफआईआर सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज होने वाली ₹1 लाख या उससे अधिक राशि की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी संबंधी शिकायतों को स्वतः ई-जीरो एफआईआर/जीरो एफआईआर में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे मामलों में शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल एवं मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में इस प्रणाली की शुरुआत की गई है।
साइबर अपराध के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : डीजीपी अजय सिंघल
हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि साइबर अपराध आज कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-जीरो एफआईआर सुविधा साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था से हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त गंभीर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों को तत्काल कानूनी प्रक्रिया में लाया जा सकेगा, जिससे धनराशि की रिकवरी, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण तथा अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रदेश में लागू हुई नई व्यवस्था
सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य साइबर अपराध पीड़ितों को तेज, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल पुलिस सेवाएं उपलब्ध करवाना है। राज्य साइबर पुलिस ने ऐसी प्रणाली विकसित की है, जिसके माध्यम से बड़ी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों को बिना किसी अनावश्यक देरी के एफआईआर प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।
शिकायत दर्ज होते ही शुरू होगी एफआईआर की प्रक्रिया
नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है और इसकी सूचना हेल्पलाइन 1930 पर देता है, तो 1930 टीम शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर शिकायत को स्वतः ई-जीरो एफआईआर में परिवर्तित कर देगी। इसके बाद यह एफआईआर संबंधित क्षेत्राधिकार वाले साइबर पुलिस स्टेशन को भेज दी जाएगी।संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन का जांच अधिकारी शिकायत प्राप्त होने के बाद पीड़ित से संपर्क कर अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करेगा तथा आवश्यक औपचारिकताएं, जैसे शिकायत की पुष्टि और हस्ताक्षर आदि पूर्ण करवाएगा। इसके उपरांत जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में परिवर्तित कर तुरंत अनुसन्धान शुरू कर दिया जाएगा।
त्वरित रिपोर्टिंग से बढ़ेगी धनराशि बचाने की संभावना
सिंघल ने स्पष्ट किया है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर प्रत्येक नागरिक को तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज होने से पुलिस को धनराशि के ट्रांसफर का पता लगाने, संदिग्ध बैंक खातों की पहचान करने, फर्जी लेन-देन को रोकने तथा साइबर अपराधियों तक शीघ्र पहुंचने में सहायता मिलती है। कई मामलों में त्वरित सूचना मिलने पर धोखाधड़ी की गई राशि को होल्ड या रिकवर करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
जांच और अभियोजन प्रक्रिया को मिलेगा बल
यह नई व्यवस्था एफआईआर पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सुव्यवस्थित बनाएगी तथा प्रक्रियागत विलंब को कम करेगी। साथ ही हेल्पलाइन 1930 और साइबर पुलिस स्टेशनों के बीच समन्वय और मजबूत होगा, जिससे गंभीर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव हो सकेगी। इसके अतिरिक्त डिजिटल साक्ष्यों के त्वरित संकलन, म्यूल बैंक खातों की पहचान, साइबर ठगी के नेटवर्क का पता लगाने और आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नागरिकों से अपील
डीजीपी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर बिना समय गंवाए तुरंत हेल्पलाइन 1930 अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर की गई रिपोर्टिंग ही त्वरित पुलिस कार्रवाई तथा धनराशि की सुरक्षा की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस सुरक्षित डिजिटल वातावरण, नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा तथा साइबर अपराध मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है।
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